आईसीएआर-भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR), लुधियाना के नेतृत्व में संचालित कैचमेंट एरिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत, हरियाणा के करनाल और पानीपत जिलों में खरीफ मक्का की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत बीज प्रदान करने के उद्देश्य से दो विशेष बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों का आयोजन स्थानीय कृषि अधिकारियों और संबंधित कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के सहयोग से किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मक्का की उन्नत किस्मों से अवगत कराना, उन्हें मक्का उत्पादन में नई तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित करना, और उन्हें गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
- बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान, करनाल और पानीपत जिलों के चयनित गांवों से आए सैकड़ों किसानों को मक्का की उन्नत खरीफ किस्मों के बीज निशुल्क वितरित किए गए।
- कार्यक्रम में कैचमेंट एरिया प्रोजेक्ट के विशेषज्ञों, IIMR के वैज्ञानिकों, और स्थानीय कृषि अधिकारियों ने भाग लिया।
- किसानों को मक्का की वैज्ञानिक तरीके से खेती, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई विधियों और रोग नियंत्रण संबंधी जानकारी भी दी गई।
कैचमेंट एरिया प्रोजेक्ट का उद्देश्य:
“कैचमेंट एरिया प्रोजेक्ट” एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में उन्नत खेती को बढ़ावा देना है जो जलग्रहण क्षेत्रों में आते हैं और जहां जल की उपलब्धता तथा मिट्टी की गुणवत्ता खरीफ फसलों के लिए अनुकूल होती है। यह परियोजना मक्का जैसी फसलों के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने, खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, और स्थायी कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है।
IIMR के वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी:
कार्यक्रम के दौरान आईआईएमआर से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि खरीफ मक्का की उन्नत किस्में अधिक पैदावार देने वाली होती हैं, साथ ही इनमें रोगों के प्रति भी बेहतर प्रतिरोध होता है। उन्होंने बीज बुवाई की गहराई, कतारों के बीच की दूरी, पोषण प्रबंधन और फसल कटाई की समयबद्ध विधियों पर विस्तृत जानकारी दी।
किसानों का उत्साह:
बीज वितरण कार्यक्रम में शामिल किसानों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की योजनाएं उन्हें नई तकनीकों को अपनाने में मदद करती हैं, जिससे उनकी पैदावार और आय दोनों में वृद्धि हो सकती है। किसानों ने यह भी आग्रह किया कि ऐसे कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, जिससे अधिक से अधिक कृषक लाभान्वित हो सकें।
भविष्य की योजनाएं:
कैचमेंट एरिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाले समय में और भी क्षेत्रों में मक्का प्रदर्शन के लिए प्लॉट स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को फील्ड विज़िट, प्रशिक्षण कार्यक्रम, और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि वे मक्का उत्पादन को लाभकारी और व्यावसायिक रूप दे सकें।
करनाल और पानीपत जिलों में आयोजित यह बीज वितरण कार्यक्रम न केवल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि इससे खरीफ मक्का की खेती को लेकर उनके मन में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है। आईआईएमआर के नेतृत्व में चल रही यह पहल भविष्य में कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की नींव रखेगी।

