भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अवसरों तक समान पहुंच आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। देश के गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में लाखों ऐसे बच्चे और युवा हैं जिनमें असाधारण क्षमता है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण वे अपनी प्रतिभा को पूरी तरह विकसित नहीं कर पाते। इसी चुनौती को दूर करने के उद्देश्य से गोदरेज फाउंडेशन ने ‘Tomorrow Makers’ नामक एक राष्ट्रीय मंच की शुरुआत की है।
नई दिल्ली में 27 मई 2026 को लॉन्च किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करना तथा उन्हें शिक्षा, नवाचार, कला और रक्षा सेवाओं जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रतिभा हर जगह मौजूद है, लेकिन अवसर नहीं
गोदरेज फाउंडेशन का मानना है कि भारत में प्रतिभा व्यापक रूप से फैली हुई है, लेकिन अवसरों तक पहुंच सभी को समान रूप से उपलब्ध नहीं है। विशेष रूप से वंचित समुदायों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी माहौल का लाभ कम मिल पाता है।
‘Tomorrow Makers’ इसी अंतर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मंच कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों और स्नातक युवाओं की क्षमता का आकलन करेगा और उन्हें विशेषज्ञ संस्थाओं, शिक्षकों, मेंटर्स, प्रतियोगिताओं तथा समान रुचि वाले समूहों से जोड़कर उनके विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
गोदरेज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमर मोमिन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी छात्र आबादी वाले देशों में शामिल है, लेकिन प्रतिभा संवर्धन के अवसर अब भी असमान रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, कलाकारों, उद्यमियों, सैनिकों और सामाजिक नेताओं को तैयार करने में मदद करेगी।
चार प्रमुख क्षेत्रों में विकसित की जाएगी प्रतिभा
‘Tomorrow Makers’ कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को उनकी रुचि और क्षमता के आधार पर चार प्रमुख क्षेत्रों में अवसर प्रदान किए जाएंगे। इनमें STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित), नवाचार एवं निर्माण (Invention and Making), कला तथा रक्षा सेवाएं शामिल हैं।
इस पहल को सफल बनाने के लिए गोदरेज फाउंडेशन ने आठ प्रमुख गैर-लाभकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इन संस्थाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें आगे बढ़ाने का व्यापक अनुभव है।
इंजीनियरिंग और मेडिकल के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
कक्षा 10 से 12 तक के उन छात्रों के लिए जो विज्ञान और गणित में विशेष रुचि रखते हैं तथा इंजीनियरिंग, मेडिकल या तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं, इस कार्यक्रम के तहत विशेष अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके लिए गोदरेज फाउंडेशन ने दक्षणा और अवंती फेलोज जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। ये संस्थाएं मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराती हैं।
अवंती फेलोज की सह-सीईओ वंदना गोयल ने कहा कि भारत में अनेक प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक परिस्थितियों के कारण देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। ‘Tomorrow Makers’ ऐसे विद्यार्थियों को सही दिशा और अवसर प्रदान करेगा।
छोटी उम्र में ही मिलेगा नवाचार और तकनीक का अनुभव
कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस आयु वर्ग के छात्रों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में प्रारंभिक स्तर पर ही प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
Genwise और MakerGhat जैसी संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, उन्नत गणित और नवाचार से जुड़ी कार्यशालाओं एवं समर कैंप में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी तैयार किया जाएगा, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और समस्या समाधान क्षमता का विकास हो सके।
कला क्षेत्र की प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
भारत में कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति की समृद्ध परंपरा रही है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कलाकारों के लिए करियर बनाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए ‘Tomorrow Makers’ ने कला क्षेत्र के लिए भी विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत Slam Out Loud संस्था के सहयोग से संगीत, नाटक, लेखन और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में रुचि रखने वाले बच्चों को प्रशिक्षण, मेंटरशिप और प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
Slam Out Loud की संस्थापक जिज्ञासा लाबरू ने कहा कि देश में कलात्मक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई प्रतिभाशाली युवाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता। यह कार्यक्रम ऐसे कलाकारों को आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने में मदद करेगा।
रक्षा सेवाओं में करियर बनाने वालों के लिए विशेष प्रशिक्षण
‘Tomorrow Makers’ केवल स्कूली छात्रों तक सीमित नहीं है। स्नातक युवाओं के लिए भी विशेष अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
जो युवा भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें Delta Squad Foundation और Yuvatejas के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें रक्षा सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और राष्ट्र सेवा की भावना को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
डेल्टा स्क्वाड फाउंडेशन के संस्थापक एसन ने कहा कि राष्ट्र सेवा केवल वर्दी पहनने के बाद शुरू नहीं होती, बल्कि इसके लिए युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी होती है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति
गोदरेज फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की प्रगति में आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बनने दी जाएगी।
इसलिए ऐसे विद्यार्थियों के लिए आवश्यकता आधारित छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है जो प्रशिक्षण कार्यक्रमों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
ऑनलाइन मूल्यांकन के माध्यम से होगा चयन
देशभर के छात्र ‘Tomorrow Makers’ प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद छात्रों को एक ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों की क्षमता का आकलन विज्ञान, नवाचार, कला और सहनशक्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। चयनित छात्रों को गोदरेज फाउंडेशन के सहयोगी संस्थानों द्वारा संचालित विशेष कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
कक्षा 6 और 7 के छात्रों के लिए यह परीक्षा हिंदी सहित 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।
समावेशी और प्रतिभा-संपन्न भारत की दिशा में पहल
‘Tomorrow Makers’ गोदरेज फाउंडेशन के उस व्यापक मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एक समृद्ध, समावेशी और अवसर-संपन्न भारत का निर्माण करना है। यह पहल आर्थिक विकास, नवाचार, सामाजिक समावेशन और प्रतिभा संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश के वंचित समुदायों से आने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को सही समय पर अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे न केवल अपना भविष्य बदल सकते हैं, बल्कि भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
‘Tomorrow Makers’ इसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है, जो आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन सकती है।


