पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और समन्वित कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की देश में पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को किसी भी तरह की घबराहट में खरीदारी से बचना चाहिए।
ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, अफवाहों से रहें सावधान
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की अनावश्यक खरीद या बुकिंग न करें। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए रोजाना लाखों सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च से अब तक 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री 5 लाख से अधिक हो चुकी है, जबकि एक दिन में 67,000 से ज्यादा सिलेंडर वितरित किए गए।
सरकार ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि वे केवल जरूरत पड़ने पर ही सिलेंडर बुक करें और जहां संभव हो, पीएनजी, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें।
राज्यों को सख्त निर्देश, जमाखोरी पर कार्रवाई तेज
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नेतृत्व में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए एलपीजी वितरण को प्राथमिकता दें तथा जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
अब तक देशभर में 4000 से अधिक छापेमारी की जा चुकी है और सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) ने भी निगरानी बढ़ाते हुए कई वितरकों को नोटिस जारी किए हैं।
पीएनजी विस्तार और वैकल्पिक ईंधनों पर जोर
सरकार ने एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार को तेज किया है। मार्च 2026 से अब तक 3.42 लाख नए कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और 3.7 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।
इसके अलावा, 10 राज्यों को पीएनजी विस्तार सुधारों के तहत अतिरिक्त एलपीजी आवंटन भी दिया गया है। सरकार का लक्ष्य स्वच्छ और सुलभ ईंधन की पहुंच को तेजी से बढ़ाना है।
समुद्री संचालन और नाविकों की सुरक्षा पर कड़ी निगरानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और समुद्री व्यापार में कोई बाधा नहीं है। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए 24×7 निगरानी रखी जा रही है।
अब तक 1130 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 155 नाविक शामिल हैं। संबंधित एजेंसियां और दूतावास लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। हेल्पलाइन, नियंत्रण कक्ष और नियमित सलाह के माध्यम से नागरिकों को हर जरूरी जानकारी और सहायता दी जा रही है।
हवाई यात्रा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है और 28 फरवरी से अब तक लगभग 6.49 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं। जहां हवाई क्षेत्र बंद है, वहां वैकल्पिक मार्गों के जरिए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
सरकार ने दोहराया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, ऊर्जा का संयमित उपयोग करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
कुल मिलाकर, चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने मजबूत तैयारी और समन्वय के जरिए देश में आपूर्ति, सुरक्षा और सेवाओं की निरंतरता बनाए रखी है।

