12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के नेतृत्व में देशभर में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसके अनुरूप पंचायतों, ग्रामीण स्थानीय निकायों और विभिन्न सरकारी संस्थानों ने लोगों को योग के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। गांवों से लेकर शहरों तक आयोजित इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों ने भाग लेकर योग के महत्व को स्वीकार किया और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित योग कार्यक्रम में सहभागिता की।
पटना में मंत्री ललन सिंह ने दिया स्वस्थ भारत का संदेश
पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवन और निरोगी समाज का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और संतुलित जीवन जीने की दिशा दिखाई है। आज जब दुनिया तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही है, तब योग एक प्रभावी समाधान बनकर उभरा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उनके अनुसार नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
आगरा में प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने किया योगाभ्यास
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं, खिलाड़ियों, सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
योग विशेषज्ञों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इस दौरान प्रो. बघेल ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा का ऐसा उपहार है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन में अनुशासन लाने का भी प्रभावी साधन है।
उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से योग अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव हैं।
नई दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित सीएसओआई लॉन्स में पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने का मार्ग प्रदान करता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर पंचायतों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की विशेषता यह रही कि देशभर के पंचायती राज संस्थानों और ग्रामीण स्थानीय निकायों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के ग्राम प्रधानों को लिखे गए पत्र में सामुदायिक नेतृत्व और जनभागीदारी के माध्यम से योग को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया गया था।
प्रधानमंत्री के इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए पंचायतों ने अपने-अपने क्षेत्रों में योग शिविरों, सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया। पंचायत भवनों, स्कूल परिसरों, खेल मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने योग कार्यक्रमों में भाग लिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर यह संदेश दिया कि योग सभी आयु वर्गों के लिए लाभकारी है।
गांवों तक पहुंचा स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
पंचायती राज संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को योग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तनाव कम होता है, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव संभव होता है।
विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि प्रतिदिन कुछ मिनटों का योगाभ्यास उन्हें स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही लोगों को प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
योग बना स्वस्थ और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा उसे स्वस्थ, सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है।
पंचायती राज मंत्रालय और देशभर की पंचायतों द्वारा किए गए प्रयासों ने योग के संदेश को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यक्रमों ने न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता और जनभागीदारी की भावना को भी मजबूत किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस व्यापक आयोजन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। योग को जन-जन तक पहुंचाने की यह पहल आने वाले समय में स्वस्थ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

