भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर दुनिया के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं और उनके नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों की सराहना की है।
वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के परिवर्तनकारी नेतृत्व, आर्थिक विकास, सामाजिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “ग्लोबल साउथ” की मजबूत आवाज़ और विकासशील देशों के विश्वसनीय साझेदार के रूप में भी सराहा।
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बताया जनविश्वास का प्रतीक
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने संदेश में कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके लंबे कार्यकाल का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय जनता द्वारा उनके नेतृत्व पर जताए गए लगातार भरोसे और विश्वास का प्रमाण भी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लगातार जनता का समर्थन प्राप्त करना एक असाधारण उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने भारत के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने श्रीलंका सहित कई देशों को प्रेरित किया है।
उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। विशेष रूप से वर्ष 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा दिए गए सहयोग को श्रीलंका कभी नहीं भूल सकता। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं।
‘मित्र विभूषण’ सम्मान से भी नवाजे जा चुके हैं मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रैल 2025 में हुई श्रीलंका यात्रा को भी राष्ट्रपति ने याद किया। यह प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका की चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें श्रीलंका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “मित्र विभूषण” से सम्मानित किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा ने भारत की “नेबरहुड फर्स्ट” नीति को और अधिक मजबूती प्रदान की तथा दक्षिण एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को सशक्त किया।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने कहा- मोदी नेतृत्व की मिसाल
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “रोल मॉडल” और “लीडरशिप की मिसाल” बताते हुए कहा कि भारत में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर बेहतर जीवन उपलब्ध कराना आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
जेम्स मारापे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, नवाचार और समावेशी वृद्धि का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है जो दुनिया के कई विकासशील देशों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
उन्होंने भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच मित्रता को और मजबूत बनाने की इच्छा भी व्यक्त की।
भारत-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ी भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी की मई 2023 में हुई पापुआ न्यू गिनी यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में ऐतिहासिक मोड़ माना जाता है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली पापुआ न्यू गिनी यात्रा थी।
इस दौरान आयोजित भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) शिखर सम्मेलन में भारत ने प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया था।
विशेषज्ञों के अनुसार इस पहल ने भारत को “ग्लोबल साउथ” के एक भरोसेमंद साझेदार और विकास सहयोगी के रूप में स्थापित किया।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री ने की भारत की उपलब्धियों की सराहना
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रभावशाली और निर्णायक आवाज़ बनकर उभरा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतांत्रिक देश का तीन कार्यकाल तक नेतृत्व करने की यात्रा को प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे, डिजिटल परिवर्तन, सामाजिक कल्याण और विदेश नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है।
भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मजबूत हुए संबंध
प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई 2025 में हुई त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा का उल्लेख करते हुए कमला प्रसाद-बिसेसर ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई।
यह 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। संयोगवश यह दौरा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय मूल के लोगों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ था, जिससे भारतीय प्रवासी समुदाय और भारत के बीच संबंध और मजबूत हुए।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा
अंतरराष्ट्रीय नेताओं के संदेश यह दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है। चाहे आर्थिक विकास हो, डिजिटल क्रांति, जलवायु परिवर्तन पर नेतृत्व, वैश्विक दक्षिण की आवाज़ उठाना या पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाना—भारत ने कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बनना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक प्रभाव का भी प्रतीक है।
भारत के लिए गौरव का क्षण
दुनिया भर के नेताओं से प्राप्त बधाई संदेश इस बात का संकेत हैं कि आज भारत केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और विकास के एजेंडे को प्रभावित करने वाली एक प्रमुख शक्ति बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज की जाएगी।

