ֆ:कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग की पहल पर रचनात्मक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, नसीरपुर धन्ना, बिलारी और स्योडारा जैविक उत्पाद किसान उत्पादक कंपनी, बिलारी को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इन दोनों एफपीओ को बासमती धान की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा।§ֆ:दोनों एफपीओ ने 50-50 एकड़ भूमि पर बासमती धान की खेती का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। उनके आवेदन का भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जा चुका है। अब अगला कदम, यूपी कृषि निर्यात नीति 2019 के अंतर्गत एफपीओ और निर्यातकों के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करना है।§ֆ:इस प्रक्रिया के पूरा होते ही मुरादाबाद में उत्पादित बासमती चावल का निर्यात शुरू हो सकेगा।
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि दोनों एफपीओ को इस योजना में शामिल किया गया है और विभागीय कार्रवाई जारी है। जल्द ही निर्यात प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पहल से न केवल मुरादाबाद के किसानों को वैश्विक बाज़ार तक पहुंच मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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पीतल नगरी के नाम से देश-विदेश में प्रसिद्ध मुरादाबाद अब कृषि क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने जा रहा है। अब तक अपने धातु उत्पादों के निर्यात के लिए जाना जाने वाला यह शहर जल्द ही विदेशों को बासमती चावल भी सप्लाई करेगा। जिले के दो किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बासमती धान की खेती कर उसके चावल के निर्यात का सुनहरा अवसर मिला है।

