
Rallis India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। Tata Group की इस कंपनी ने सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि हासिल करते हुए कुल आय ₹2,897 करोड़ तक पहुंचा दी, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹2,663 करोड़ थी। कंपनी ने इस दौरान अब तक का सर्वाधिक EBITDA ₹362 करोड़ दर्ज किया, जबकि EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो गया।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Dr. Gyanendra Shukla ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि FY26 में कंपनी ने सभी प्रमुख व्यवसायों में संतुलित वृद्धि और लागत नियंत्रण के जरिए मजबूत प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ और लागत अनुकूलन की रणनीतियों के कारण कंपनी अपने इतिहास का सबसे अधिक EBITDA हासिल करने में सफल रही।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) ₹184 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹125 करोड़ था। इस प्रकार कंपनी ने मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का राजस्व ₹456 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹430 करोड़ था। हालांकि, इस तिमाही में विभिन्न फसलों और क्षेत्रों में मांग की स्थिति मिश्रित रही। कुछ फसलों में कीटों का कम प्रकोप रहने से मांग प्रभावित हुई, जबकि अन्य खंडों में स्थिरता बनी रही।
व्यवसायिक प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के क्रॉप केयर सेगमेंट में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। घरेलू फॉर्मुलेशन व्यवसाय ने 5 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की, जिसमें प्रमुख ब्रांड्स का योगदान रहा। वहीं, बी2बी एक्सपोर्ट्स व्यवसाय, जिसमें कस्टम सिंथेसिस मैन्युफैक्चरिंग (CSM) शामिल है, 17 प्रतिशत बढ़ा। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वॉल्यूम विस्तार और बेहतर रियलाइजेशन के चलते संभव हुई।
सॉयल एंड प्लांट हेल्थ (SPH) सेगमेंट ने नियामकीय चुनौतियों के बावजूद 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने इस दौरान उत्पादों की बेहतर प्लेसमेंट और मांग सृजन पर विशेष ध्यान दिया। वहीं, बीज (Seeds) व्यवसाय में 15 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो रणनीतिक योजना और बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम रही, खासकर कपास और सरसों जैसी फसलों में चुनौतियों के बावजूद।
चौथी तिमाही में कंपनी ने सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिसमें 5 प्रतिशत वॉल्यूम ग्रोथ और 1 प्रतिशत मूल्य वृद्धि शामिल रही। क्रॉप केयर व्यवसाय में 5 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि बी2सी सेगमेंट में 15 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखी गई। हालांकि बी2बी सेगमेंट में 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बीज व्यवसाय ने तिमाही में 23 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की।
कंपनी ने इस दौरान अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करते हुए दो नए कीटनाशक उत्पाद Fiplam और Alstor लॉन्च किए। इसके अलावा, बीज व्यवसाय में भी दो नए उत्पाद बाजार में उतारे गए। कंपनी ने डिजिटल पहलों पर भी जोर दिया, जिससे किसानों और रिटेलर्स के साथ जुड़ाव बढ़ाने और बाजार पहुंच मजबूत करने में मदद मिली।
डॉ. शुक्ला ने आगे कहा कि कंपनी भविष्य में भी उत्पाद नवाचार, डिजिटल क्षमताओं और ग्राहक जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कंपनी अपनी मजबूत रणनीतियों के बल पर आने वाले समय में भी बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगी।
करीब 77 वर्षों के अनुभव के साथ, Rallis India देश की अग्रणी एग्री-साइंस कंपनियों में से एक है, जो किसानों को उन्नत उत्पाद और समाधान प्रदान करने के लिए जानी जाती है। कंपनी का व्यापक वितरण नेटवर्क देशभर में 7,200 डीलर्स और 95,000 से अधिक रिटेलर्स तक फैला हुआ है, जो इसे ग्रामीण बाजारों में मजबूत उपस्थिति देता है।
