देश के कृषि अनुसंधान जगत को गहरा आघात पहुंचा है। प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. डी. दामोदर रेड्डी का 22 मार्च 2026 को उनके निवास पर हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वे आईसीएआर–नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मैनेजमेंट, हैदराबाद में प्रिंसिपल साइंटिस्ट के रूप में कार्यरत थे और इससे पहले आईसीएआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च ऑन कमर्शियल एग्रीकल्चर (पूर्व में ICAR-CTRI) के निदेशक रह चुके थे।
डॉ. रेड्डी ने अपने लंबे वैज्ञानिक करियर में मृदा विज्ञान, पौध पोषण और कृषि अनुसंधान प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वर्ष 2014 से 2022 तक उन्होंने ICAR-NIRCA के निदेशक के रूप में संस्थान का नेतृत्व किया और अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण से इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके कार्यकाल में कई शोध पहल और प्रबंधन सुधार लागू किए गए, जिनका लाभ आज भी कृषि क्षेत्र को मिल रहा है।
वे न केवल एक कुशल वैज्ञानिक थे, बल्कि एक प्रेरणादायक मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव से युवा शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी को दिशा दी। उनके नेतृत्व में कई वैज्ञानिकों ने अपने करियर को नई दिशा दी और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद परिवार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. रेड्डी का जाना कृषि अनुसंधान समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता और समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
सहकर्मियों और वैज्ञानिकों ने उन्हें एक सरल, समर्पित और दूरदर्शी व्यक्तित्व के रूप में याद किया। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से न केवल वैज्ञानिक जगत में पहचान बनाई, बल्कि किसानों और कृषि विकास के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. रेड्डी की विरासत उनके शोध कार्यों, संस्थागत योगदान और उनके द्वारा तैयार की गई नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों के रूप में हमेशा जीवित रहेगी। ICAR परिवार ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

