֍:इन इलाकों में फंसे लोग§ֆ:उत्तराखंड में हाल ही में भारी बारिश और बादल फटने से इलाके तहस-महस हो गए हैं. हर जगह तबाही के निशान देखे जा रहे हैं. श्रद्धालुओं को निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है. रविवार को चौथे दिन भी उन्हें बचाने और सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अभी भी 1000 से अधिक लोग केदारनाथ, गौरीकुंड और सोनप्रयाग के इलाके में फंसे हुए हैं. इन रेस्क्यू में करीब 882 जवान शामिल हैं, जो लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल कर कैंप में ले जा रहे हैं.§֍:पुल का होगा निर्माण§ֆ:भारी बारिश और भूस्खलन के चलते रास्तों में बड़े-बड़े पत्थर आ गए हैं, जिससे रास्ते जाम हो गए हैं. SDRF की टीम कई यात्रियों को पैदल वैकल्पिक मार्ग से रेसक्यू कर रही है. इसी के चलते रेस्क्यू टीम अब जाम रास्तों में पुल बनाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करने जा रही है. §ֆ:
§उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ धाम में कुछ दिनों पहले बादल फटने से आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश शुरु हो गई. इस दौरान भूस्खलन की समस्या भी देखने को मिली. जिसमें कई लोग गहरी खाई में गिरते दिखे. ऐसे में उत्तराखेड सरकार की ओर से केदारनाथ धाम और आसपास के इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान रेस्क्यू में बचाव टीम ने करीब 9 हजार लोगों को गहरी खाई से बहार निकाला है. बचाव ऑपरेशन के दौरान इलाकों में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी बचाव कार्य में शामिल हैं. बता दें कि केदारनाथ के आसपास के जिलों को मिलाकर करीब 10 हजार लोग अभी भी फंसे हुए हैं.IAF helicopters leapt into action, resuming the Rescue Operations at Kedarnath after an impatient wait due poor weather in the valley. A total of eight NDRF personnel and a load of 800 kg have been inducted with 94 persons rescued including children and patients, today: IAF pic.twitter.com/rjDndPHzYR
— ANI (@ANI) August 5, 2024

