केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के ऐतिहासिक बर्डोली में आयोजित किसान सम्मेलन में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का औपचारिक समापन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का समापन भले हो गया हो, लेकिन किसानों से संवाद और सहयोग का सिलसिला अब भी जारी रहेगा। यह सम्मेलन उसी स्थल पर आयोजित किया गया, जहां 12 जून 1928 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने ब्रिटिश कर नीतियों के खिलाफ बर्डोली सत्याग्रह की शुरुआत की थी। मंत्री चौहान ने इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा, “यह सरदार पटेल की कर्मभूमि है और मुझे यहां आकर गर्व हो रहा है।”
‘लैब टू लैंड’ को ज़मीन पर उतारने की कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लैब टू लैंड’ विजन को साकार करने के लिए शुरू किए गए इस अभियान के तहत 2,170 टीमों में शामिल 16,000 वैज्ञानिकों ने देशभर के गांवों में जाकर किसानों से सीधा संवाद किया और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक जानकारियाँ साझा कीं। कृषि मंत्री चौहान ने बताया, “करीब 1 करोड़ 12 लाख किसानों तक इस अभियान के माध्यम से पहुंच बनाई गई, जो 1 लाख से अधिक गांवों में फैले हुए हैं। 55,000 से अधिक स्थानों पर किसानों के साथ प्रत्यक्ष संवाद हुआ।”
गुजरात की कृषि उपलब्धियों की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने गुजरात की कृषि प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य देश में कैस्टर, जीरा, सौंफ और खजूर जैसे उत्पादों में अग्रणी है। गुजरात देश की 77% कैस्टर, 44.5% मूंगफली, 24% कपास और 15% चने की खेती करता है।
किसानों के लिए 6 सूत्रीय फार्मूला
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय और स्थायी कृषि के लिए छह प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया—उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी, उचित मूल्य की गारंटी, नुकसान की भरपाई, कृषि विविधिकरण को बढ़ावा, और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य है और अब तक 18 लाख किसान इसमें रुचि दिखा चुके हैं। “प्राकृतिक खेती से लागत घटती है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है,” उन्होंने कहा।
किसानों से मिले प्रेरणादायक अनुभव
अभियान के दौरान मंत्री चौहान ने ओडिशा से लेकर गुजरात तक 13 राज्यों की यात्रा की और किसान चौपाल, पदयात्रा व सम्मेलनों में भाग लिया। उन्होंने कहा, “कुछ किसानों ने मुझे बताया कि उन्होंने सरकारी योजनाओं और नवाचारों के ज़रिये अपनी आय दस गुना तक बढ़ाई है। ऐसे किसान असली वैज्ञानिक हैं, जिनसे हमें भी सीखना है।”
अभियान के बाद भी संवाद जारी रहेगा
समापन समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के कृषि मंत्री राघवजी पटेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वैज्ञानिकों की टीमें वर्चुअली जुड़ी रहीं। मंत्री चौहान ने अंत में कहा, “हम ‘वन नेशन-वन एग्रीकल्चर-वन टीम’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए किसानों के साथ संवाद को निरंतर बनाए रखेंगे और हर स्तर पर सहयोग करते रहेंगे।”

