SML लिमिटेड (पूर्व में सल्फर मिल्स लिमिटेड) ने देश में सस्टेनेबल खेती और फसल उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत दो प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने ICAR– राष्ट्रीय अनार अनुसंधान केंद्र (ICAR-NRCP), सोलापुर और ICAR– केंद्रीय साइट्रस अनुसंधान संस्थान (ICAR-CCRI), नागपुर के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किए हैं।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य फलों की फसलों—खासतौर पर अनार और साइट्रस—में संतुलित पोषण प्रबंधन के जरिए उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार लाना है। ICAR-NRCP, सोलापुर में SML के हाई न्यूट्रिएंट यूज़ एफिशिएंसी (NUE) फॉर्मूलेशन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें अनार की खेती में न्यूट्रिएंट डायनामिक्स, माइक्रोबियल गतिविधि, फसल उत्पादकता और कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन पर प्रभाव का विस्तृत अध्ययन शामिल है। साथ ही विभिन्न पोषण प्रबंधन रणनीतियों के तहत मिट्टी और फसल के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
वहीं ICAR-CCRI, नागपुर के साथ साझेदारी के तहत साइट्रस फसलों में SML के सस्टेनेबल न्यूट्रिशन प्रोग्राम का आकलन किया जाएगा। यह अध्ययन मिट्टी की सेहत, ग्राउंडवॉटर सुरक्षा, कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन और फलों की गुणवत्ता पर संतुलित पोषण के प्रभाव को समझने पर केंद्रित होगा। इसके अलावा, उत्पादन बढ़ाने के साथ–साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष जोर रहेगा।
इस पहल के अंतर्गत पारंपरिक NPK उर्वरकों के विकल्पों को बढ़ावा दिया जाएगा और बायोफोर्टिफिकेशन जैसे उपायों को अपनाया जाएगा। इससे फलों की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और पोषण मूल्य में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही कीट और रोगों के प्रकोप को कम करने में भी मदद मिलेगी।
SML ग्रुप की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कोमल शाह भुखनवाला ने कहा कि ICAR संस्थानों के साथ यह सहयोग वैज्ञानिक शोध और फील्ड ट्रायल्स के माध्यम से अगली पीढ़ी के फसल पोषण समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और पूरी फूड वैल्यू चेन को सस्टेनेबल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

