कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक Special Campaign 6.0 आयोजित करेगा। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाए जाने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में cleanliness को institutionalize करना, लंबित मामलों को कम करना, सरकारी परिसरों में बेहतर कार्य वातावरण तैयार करना और आम जनता के कार्यालयों के साथ अनुभव को बेहतर बनाना है।
इस अभियान के दौरान सरकारी कार्यालयों में उत्पन्न e-waste के निर्धारित नियमों के अनुसार collection, segregation और disposal पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मुख्यालय के साथ-साथ उसके अधीनस्थ एवं संबद्ध कार्यालयों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
Special Campaign 5.0 में बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई
Special Campaign 6.0 से पहले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने Special Campaign 5.0 के दौरान देशभर में व्यापक गतिविधियां संचालित की थीं। विभाग के मुख्यालय, अधीनस्थ और संबद्ध कार्यालयों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में cleanliness drive आयोजित की गई।
अभियान के दौरान कई संगठनों ने plantation activities के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की सफाई में भी भाग लिया। विभाग ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता के साथ-साथ लंबित मामलों और public grievances के निपटारे को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
कृषि क्षेत्र से जुड़े मामलों में किसानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान विशेष महत्व रखता है। इसके लिए विभाग ने CPGRAMS के अलावा अपनी प्रमुख योजनाओं से संबंधित dedicated grievance portals भी विकसित किए हैं।
किसानों की शिकायतों के समाधान पर विशेष ध्यान
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सामने प्रमुख चुनौतियों में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के implementation से संबंधित public grievances का प्रभावी समाधान भी शामिल है।
मंत्रालय से जुड़े मामलों में नागरिकों और किसानों के लिए Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) उपलब्ध है। इसके अलावा PM-KISAN और Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए dedicated digital platforms भी विकसित किए गए हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने इन portals पर प्राप्त किसानों की शिकायतों के समाधान की quality की समीक्षा की। वहीं, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव ने Special Campaign 5.0 के implementation phase के दौरान अधिकारियों को निर्धारित targets हासिल करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
लोक शिकायत और Special Campaign 5.0 पर हुई कार्यशाला
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने DARPG के सहयोग से 9 अक्टूबर 2025 को Public Grievance और Special Campaign 5.0 पर एक workshop का आयोजन किया था।
कार्यशाला को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव तथा DARPG के सचिव ने संबोधित किया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में शिकायतों के प्रभावी समाधान, स्वच्छता अभियान और लंबित मामलों के निपटारे से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
इस प्रकार की workshops का उद्देश्य विभिन्न विभागों और कार्यालयों में best practices को साझा करना तथा public service delivery को बेहतर बनाना है।
E-waste से बनाए किसानों के लिए कृषि उपकरणों के मॉडल
Special Campaign 5.0 के दौरान e-waste management विभाग की प्रमुख focus areas में शामिल रहा। इसी दिशा में कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थानों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे का रचनात्मक इस्तेमाल करते हुए किसानों से जुड़ी कृषि मशीनरी के कई models तैयार किए।
इनमें drone, tractor, cultivator और अन्य कृषि उपकरणों एवं मशीनरी के models शामिल थे। अभियान के दौरान इन models की exhibition भी आयोजित की गई।
यह पहल केवल e-waste disposal तक सीमित नहीं रही, बल्कि waste material के innovative reuse का उदाहरण भी बनी। DARPG के सचिव ने इन प्रयासों की सराहना की। विभाग ने इन गतिविधियों को Waste to Wealth category के तहत best practices के रूप में शामिल किया।
कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ते mechanization और digital technology के दौर में पुराने electronic equipment का उचित disposal एक महत्वपूर्ण environmental concern बनता जा रहा है। ऐसे में e-waste को उपयोगी models में बदलने की पहल awareness और resource management दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
किसानों के लिए मजबूत grievance redressal system
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए multi-platform grievance redressal system विकसित किया है।
CPGRAMS के अलावा Krishi Rakshak Portal किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए एक one-stop platform उपलब्ध कराता है।
फसल बीमा से संबंधित शिकायतों के तेजी से समाधान से किसानों को insurance claims और योजना से जुड़े मामलों में सहायता मिल सकती है। Digital grievance platforms के माध्यम से शिकायतों की monitoring और tracking को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
Social Media पर भी बढ़ी विभाग की सक्रियता
Special Campaign 5.0 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और उसके संबद्ध, अधीनस्थ तथा क्षेत्रीय कार्यालयों ने विभिन्न social media platforms का भी इस्तेमाल किया।
अभियान के दौरान विभाग की ओर से छह PIB notes और 274 से अधिक tweets पोस्ट किए गए। Twitter, LinkedIn, Instagram और Facebook जैसे platforms के माध्यम से अभियान से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई।
आज के digital communication environment में social media सरकारी योजनाओं, campaigns और public initiatives की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
1,133 स्थानों पर चला स्वच्छता अभियान
Special Campaign 5.0 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने निर्धारित targets में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।
विभाग के अनुसार कुल 1,133 cleanliness campaign sites का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और सभी 1,133 स्थानों पर अभियान पूरा किया गया। इस तरह इस category में लक्ष्य की 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
अभियान के दौरान सांसदों से संबंधित लंबित references को भी निपटाने का प्रयास किया गया। कुल 32 references के लक्ष्य के मुकाबले 31 references का निपटारा किया गया।
17.73 लाख से अधिक लंबित सार्वजनिक शिकायतों का निपटारा
Public grievance disposal Special Campaign 5.0 का एक प्रमुख component रहा। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1,77,336 लंबित सार्वजनिक शिकायतों का target था और इतनी ही संख्या में शिकायतों के निपटारे की उपलब्धि दर्ज की गई।
यह आंकड़ा बताता है कि अभियान में administrative efficiency और citizen-centric governance को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया।
किसानों और आम नागरिकों से जुड़ी शिकायतों के timely disposal से सरकारी योजनाओं की delivery और लोगों के भरोसे को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
31,722 physical files की हुई समीक्षा
Special Campaign 5.0 में record management पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विभाग ने 31,722 physical files की समीक्षा का target निर्धारित किया था और इतनी ही files की review process पूरी की गई।
इसके अतिरिक्त 10,597 physical files को छांटकर अलग किया गया। इससे सरकारी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और अनावश्यक documents को अलग करने में मदद मिली।
Record management के बेहतर होने से कार्यालयों में दस्तावेजों की accessibility बढ़ती है और पुराने एवं अनावश्यक records के कारण होने वाली storage समस्या को भी कम किया जा सकता है।
18,042 वर्ग फुट जगह हुई खाली
अभियान के दौरान record management और अन्य administrative activities के परिणामस्वरूप 18,042 square feet space खाली किया गया।
सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से रखी अनुपयोगी files और अन्य सामग्री को व्यवस्थित करने से उपलब्ध office space का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही workplace cleanliness और operational efficiency को भी बढ़ावा मिलता है।
40.38 लाख रुपये का revenue generation
Special Campaign 5.0 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 40,38,150 रुपये का revenue भी प्राप्त किया।
इस तरह अभियान केवल cleanliness और record management तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी संसाधनों के बेहतर utilization और अनावश्यक सामग्री के प्रबंधन से revenue generation का अवसर भी सामने आया।
Special Campaign 6.0 में आगे बढ़ेगा अभियान
अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक Special Campaign 6.0 के तहत इन प्रयासों को आगे बढ़ाएगा।
अभियान में institutional cleanliness, pending matters के disposal, citizen experience को बेहतर बनाने और सरकारी कार्यालयों से निकलने वाले e-waste के वैज्ञानिक तरीके से collection, segregation और disposal पर जोर रहेगा।
पिछले अभियान के अनुभवों के आधार पर Special Campaign 6.0 में सरकारी कार्यालयों की cleanliness के साथ-साथ digital governance, grievance redressal, record management, e-waste management और citizen-centric administration को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए यह अभियान केवल कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और citizen-friendly बनाना है, ताकि किसानों और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का बेहतर अनुभव मिल सके

