राजस्थान के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और गांवों तक विकास योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के बीच नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में संचालित ‘विकसित भारत- जी राम जी’ अभियान सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा ग्राम सभा आधारित विकास मॉडल, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और ग्रामीण रोजगार सृजन को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं का केंद्र गांव और ग्राम पंचायतें ही होनी चाहिए। ग्राम सभाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे और गांवों का संतुलित एवं दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित हो सके।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन से जुड़े कार्यक्रम अत्यंत संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘विकसित भारत- जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत वर्षभर में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना था कि यह मॉडल गांवों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित है और विकास की प्राथमिकताएं स्वयं ग्रामीण तय कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास का ‘पिरामिड मॉडल’ अपनाया है, जिसमें सबसे पहले गांव और पंचायत स्तर की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाती है। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की भागीदारी से यह तय किया जा रहा है कि किस गांव में कौन-कौन से कार्य किए जाएं। इससे स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ-साथ ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है, जो लंबे समय तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगी।
445 करोड़ रुपये जारी, दूसरी किस्त जल्द
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत- जी राम जी’ योजना के तहत राजस्थान को अब तक 445 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 200 करोड़ रुपये विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राशि के प्रभावी और समयबद्ध उपयोग के बाद योजना की दूसरी किस्त के रूप में प्रस्तावित 180 करोड़ रुपये भी शीघ्र जारी किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति देगी।
रोजगार के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना भी है, जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक ग्रामीण समुदाय को मिलता रहे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सामुदायिक परिसंपत्तियां, कृषि से जुड़ा आधारभूत ढांचा तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उनके अनुसार जब विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से होता है तो योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ती है और संसाधनों का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होता है।
सूक्ष्म सिंचाई योजना में राजस्थान की सराहना
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री की सूक्ष्म सिंचाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्थान सरकार की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य ने योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग करते हुए पूरी राशि खर्च कर दी है। इसके परिणामस्वरूप भविष्य में राज्य को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने की संभावना भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का विस्तार कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल उपयोग दक्षता सुधारने और किसानों की लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मनरेगा में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान
बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत सामग्री व्यय और मजदूरी भुगतान सहित सभी वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी मिलान किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भुगतान संबंधी बकाया की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच रहा है और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
ग्राम चौपाल मॉडल की सराहना
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू की गई ग्राम चौपाल पहल की भी विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गांवों में पहुंचकर किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर रहे हैं। वे गांवों में रात्रि प्रवास और भ्रमण के माध्यम से विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर आकलन कर रहे हैं तथा लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए तत्काल निर्देश दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रशासन और ग्रामीण समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ रही है और विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र का आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं से राजस्थान के गांवों में रोजगार, आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों द्वारा तय किए गए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी तथा ग्रामीणों की भागीदारी को नीति निर्माण और विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाए रखेगी।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम सभा आधारित योजना चयन, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम चौपाल जैसी पहलें राजस्थान को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से राजस्थान के प्रत्येक गांव का योजनाबद्ध विकास होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्य महत्वपूर्ण योगदान देगा।

