जातिगत भेदभाव जैसे गंभीर विषय पर बनी यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म न केवल अजय देवगन की ‘सन ऑफ सरदार 2’ जैसी मेनस्ट्रीम कॉमेडी फिल्म से टकरा रही है, बल्कि मेकिंग से रिलीज तक सेंसर और कंट्रोवर्सी से भी जूझती रही है।
रीमेक का राइट लेना बना इमोशनल स्ट्रगल
‘धड़क 2’ साल 2018 की चर्चित तमिल फिल्म की आधिकारिक हिंदी रीमेक है। इस फिल्म को बनाने की कोशिश 6 महीने तक सिर्फ राइट्स लेने में अटकी रही। को-प्रोड्यूसर मीनू अरोड़ा ने बताया कि मूल फिल्म के निर्माता पा. रंजीत को बॉलीवुड रीमेक से डर था—उन्हें आशंका थी कि हिंदी में रीमेक करने पर फिल्म की आत्मा और संदेश खो सकता है। लेकिन मीनू के इमोशनल कमिटमेंट और स्क्रिप्ट की समझ ने उन्हें आखिरकार मना लिया।
सेंसर बोर्ड ने लगाए 16 कट्स, कई डायलॉग बदले
जातिगत संवेदनशीलता को देखते हुए CBFC ने फिल्म पर कड़ा रुख अपनाया। कुल 16 कट्स लगाए गए, जिसमें यूरिनेशन सीन, जातिसूचक शब्द और कुछ महिला हिंसा वाले सीन हटाए गए। डायलॉग्स भी बदले गए—जैसे “3,000 साल का पिछड़ापन…” वाले संवाद को अधिक स्वीकार्य भाषा में परिवर्तित किया गया।
एक अन्य डायलॉग जो कांशीराम के प्रतीकात्मक उदाहरण से जुड़ा था, उसे भी पूरी तरह से बदल दिया गया। इसके अलावा फिल्म की शुरुआत में 1 मिनट 51 सेकंड लंबा डिस्क्लेमर ऐड किया गया है जो पहले सिर्फ 20 सेकंड का हुआ करता था। सेंसर बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया कि यह डिस्क्लेमर तेज़ आवाज में पढ़ा जाए।
रिलीज डेट को लेकर भी चला लंबा संघर्ष
धड़क 2′ की रिलीज डेट भी लगातार टलती रही। पहले इसे नवंबर 2024 फिर मार्च 2025 में रिलीज करने की योजना थी। लेकिन अब जाकर यह फिल्म 1 अगस्त 2025 को रिलीज हो रही है। निर्माता मीनू अरोड़ा की इच्छा थी कि इस फिल्म को करण जौहर प्रोड्यूस करें, और उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई भी, ताकि कहानी के इमोशन्स को वह स4के से प्रस्तुत कर सकें।
क्या ‘सैयारा’ की आंधी बनाएगी मुश्किलें?
फिल्म की रिलीज ऐसे वक्त हो रही है जब बॉक्स ऑफिस पर ‘सैयारा’ की चर्चा भी तेज है। ऐसे में ‘धड़क 2’ को मल्टीपल क्लैशेज से निपटना होगा। एक तरफ कमर्शियल मसाला फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’, दूसरी ओर एक संभावित ब्लॉकबस्टर ‘सैयारा’—‘धड़क 2’ को पब्लिक से कितना प्यार मिलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

