कासगंज जिले में ग्रामीण महिलाओं को खेती से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई। दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत कृषि सखियों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और उन्हें खेती में दक्ष बनाना था।
जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को विभिन्न कृषि विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके फायदे और कम लागत में बेहतर उत्पादन के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम में जैविक खाद के उपयोग, जीवामृत बनाने की विधि, बीज उपचार और प्राकृतिक तरीके से कीट नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया। इन तकनीकों का खेत स्तर पर प्रदर्शन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को सीखने और समझने में आसानी हुई।
प्रशिक्षण के अंतिम चरण में कृषि सखियों को एक कृषि केंद्र का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने प्राकृतिक खेती के तरीकों को व्यवहारिक रूप से देखा। इस अनुभव ने महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं। साथ ही, ये महिलाएं अपने गांवों में अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने बताया कि वे सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाएंगी और आसपास के किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है।

