उत्तर प्रदेश के किसानों और ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि, ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान किसानों को राहत देने, ग्रामीण आवास निर्माण में तेजी लाने और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
बैठक में दो बड़े फैसले सामने आए। पहला, रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत गेहूं, चना और मसूर की MSP पर सरकारी खरीद की अंतिम तिथि 8 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई। दूसरा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 नए पक्के मकानों को मंजूरी दी गई।
8 जुलाई तक होगी MSP पर गेहूं, चना और मसूर की खरीद
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं, चना और मसूर की सरकारी खरीद की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले खरीद की अंतिम तिथि 24 जून थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि कई किसानों को बारिश, मंडियों में भीड़, तौल में देरी और परिवहन जैसी व्यावहारिक समस्याओं के कारण समय पर अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही थी। नई समय सीमा मिलने से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिलेगा और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राज्य के लाखों गेहूं, चना और मसूर उत्पादक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के लिए तैयार होगा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
बैठक में कृषि क्षेत्र की भविष्य की चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल गेहूं उत्पादन का लगभग 38 प्रतिशत योगदान देता है। इसलिए राज्य की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और जलवायु-अनुकूल बनाना समय की आवश्यकता है।
इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के लिए एक वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि तकनीक, डिजिटल सलाह और बेहतर कृषि विपणन जैसी रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।
यह रोडमैप केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
एल नीनो और कम बारिश से निपटने की तैयारी
बैठक में संभावित एल नीनो प्रभाव और कम वर्षा की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग कृषि आकस्मिक योजना (Contingency Plan) तैयार करने का निर्णय लिया है।
इन योजनाओं के तहत कम अवधि में तैयार होने वाली तथा कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक फसलें अपनाने की सलाह दी जाएगी।
इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर किसानों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
PMAY-G के तहत 6.18 लाख नए ग्रामीण आवास
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण के तहत राज्य के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई है।
यह योजना वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चलने वाले नए चरण का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में अतिरिक्त दो करोड़ ग्रामीण पक्के मकान बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश के लाखों पात्र ग्रामीण परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा।
सर्वे पूरा, अब निर्माण कार्य पर रहेगा फोकस
सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में पात्र ग्रामीण परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की पहचान कर ली गई है और अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्य को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का भी उपयोग किया जाएगा।
किसानों और ग्रामीण विकास के लिए साझा रणनीति
बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि कृषि और ग्रामीण विकास को अलग-अलग योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि समग्र विकास के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा।
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर ऐसी योजनाओं पर काम करेंगी जिनका सीधा लाभ किसानों, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण गरीब परिवारों तक पहुंचे।
उत्तर प्रदेश के लिए लिए गए ये फैसले किसानों और ग्रामीण विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। MSP खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को पक्का घर मिलने का रास्ता साफ होगा।
इसके साथ ही वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती की नई रणनीति भविष्य में कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो उत्तर प्रदेश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक मजबूत मॉडल बन सकता है।

