नई दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। हाल ही में होली के दिन 26 वर्षीय युवक तरुण खटीक की हत्या के बाद क्षेत्र में उत्पन्न साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में हालात बिगड़ने न दिए जाएं और शांति व्यवस्था हर कीमत पर कायम रखी जाए।
घटना के बाद से ही इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक मामूली सी घटना से हुई थी, जब एक बच्ची द्वारा फेंके गए पानी के गुब्बारे का पानी दूसरे समुदाय की एक महिला पर जा गिरा। इस छोटी सी बात ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया और मामला हिंसा में तब्दील हो गया। इसी हिंसक झड़प के दौरान तरुण खटीक की जान चली गई, जिससे इलाके में भय और असुरक्षा की भावना और गहरा गई।
ईद के मद्देनजर पुलिस ने द्वारका जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरे जिले में 100 से अधिक पिकेट पॉइंट्स बनाए गए हैं, जहां पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से हस्तसाल गांव, जहां यह घटना हुई थी, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा छतों पर निगरानी (रूफटॉप सर्विलांस) के साथ-साथ लगातार पैदल और वाहन गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
धार्मिक स्थलों जैसे मस्जिदों और ईदगाहों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि ईद के मौके पर यहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे की स्थिति पैदा न हो। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कई भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान कर उन्हें हटाया है, ताकि गलत सूचनाओं के जरिए माहौल खराब न हो।
इलाके में भरोसा बहाल करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच अब भी डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उत्तम नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला ने कहा कि सुरक्षा के तमाम इंतजामों के बावजूद लोगों में आशंका बनी हुई है और माहौल “तूफान से पहले की शांति” जैसा महसूस हो रहा है।
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से किसी का भला नहीं होता और इलाके के लोग पहले ही इसकी बड़ी कीमत चुका चुके हैं। ऐसे में सभी समुदायों को मिलकर शांति और सौहार्द बनाए रखने की जरूरत है, ताकि त्योहार का माहौल खराब न हो।

