Weather Update: देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। पहाड़ी राज्यों से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 20 अगस्त की सुबह जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम का यह बदला हुआ मिजाज केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं रहने वाला है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में बदलाव आने की संभावना है। ऐसे में 24 अगस्त तक देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की हलचल पर नजर बनी रहेगी।
हिमालयी राज्यों में बारिश बढ़ाएगी मुश्किल
मॉनसून के दौरान पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का असर मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है। लगातार बारिश होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, स्थानीय जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी तथा सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में 20 और 21 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के लिए बारिश का दौर और लंबा रहने का अनुमान है। राज्य में 20 से 25 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे पहले भी मौसम विभाग के पूर्वानुमानों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय बारिश के संकेत दिए गए थे। 17 अगस्त को जारी बुलेटिन में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना का उल्लेख किया गया था।
पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना खास तौर पर जरूरी है। भारी बारिश के दौरान कमजोर पहाड़ी ढलानों और नदी-नालों के आसपास जोखिम बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और रास्तों की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
उत्तराखंड पर खास नजर, कई दिनों तक भारी बारिश की संभावना
आने वाले दिनों में उत्तराखंड उन राज्यों में शामिल है जहां बारिश की गतिविधि लगातार बनी रह सकती है। 20 अगस्त के IMD बुलेटिन के मुताबिक राज्य में 25 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
लगातार बारिश का अर्थ यह नहीं है कि पूरे राज्य में हर समय एक जैसी तेज बारिश होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भारी बारिश की चेतावनी आम तौर पर चुनिंदा स्थानों के लिए होती है। इसलिए किसी जिले या शहर की वास्तविक स्थिति अलग हो सकती है।
फिर भी पर्वतीय इलाकों में कम समय में ज्यादा बारिश स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ा सकती है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां पहले से जमीन में नमी अधिक है, वहां अतिरिक्त बारिश का असर तेजी से दिखाई दे सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी बरसेंगे बादल
पहाड़ों से नीचे उतरें तो उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून सक्रिय रहने वाला है। IMD के 20 अगस्त के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 22 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 20 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश तथा 21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बताई गई है। (Mausam)
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का यह दौर खेती के लिए कई क्षेत्रों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। शहरों में तेज बारिश के दौरान यातायात प्रभावित होने और सड़कों पर पानी जमा होने की आशंका रहती है।
ग्रामीण इलाकों में नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। मौसम का असर जिले-दर-जिले बदल सकता है, इसलिए राज्य स्तर के पूर्वानुमान के साथ जिला स्तर की चेतावनी देखना अधिक उपयोगी होगा।
मध्य भारत में भी बदलता रहेगा मौसम
मॉनसून की गतिविधियां मध्य भारत में भी बनी हुई हैं। IMD के ताजा बुलेटिन में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना का उल्लेख है।
हाल के दिनों में मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में पहले ही तेज बारिश दर्ज की जा चुकी है। 18 अगस्त की IMD प्रेस रिलीज के अनुसार उससे पहले के 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में भी भारी वर्षा दर्ज हुई थी। इसी अवधि में उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
यह स्थिति दिखाती है कि अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मॉनसून देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सक्रिय बना हुआ है। हालांकि किसी एक दिन की दर्ज बारिश को अगले कई दिनों के पूर्वानुमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मौसम प्रणालियों की स्थिति बदलने के साथ बारिश का क्षेत्र और तीव्रता भी बदल सकती है।
आखिर क्यों लगातार बरस रहे हैं बादल?
अगस्त का महीना दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में शामिल होता है। इस दौरान बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बनने वाली निम्न दबाव प्रणालियां, मानसूनी ट्रफ और ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करते हैं।
IMD के अगस्त के पूर्वानुमानों में अलग-अलग समय पर निम्न दबाव क्षेत्रों और अन्य मौसमी प्रणालियों का उल्लेख किया गया है। उदाहरण के लिए 15 अगस्त की प्रेस रिलीज में दक्षिण-पूर्व झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। (Mausam)
ऐसी प्रणालियां आगे बढ़ते हुए अपने आसपास नमी खींचती हैं। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर बड़े क्षेत्र में बादल विकसित होते हैं और बारिश बढ़ सकती है। हिमालय के करीब नम हवाओं को पहाड़ों के कारण ऊपर उठना पड़ता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है।
भारी बारिश के साथ बढ़ सकती हैं स्थानीय परेशानियां
तेज मॉनसूनी बारिश राहत और परेशानी दोनों लेकर आती है। पर्याप्त बारिश जलाशयों और भूजल के लिए महत्वपूर्ण है तथा खरीफ की कई फसलों के लिए फायदेमंद साबित होती है। दूसरी तरफ कम समय में बहुत अधिक पानी गिरने से शहरी जलभराव, यातायात जाम और स्थानीय बाढ़ जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
पहाड़ों में स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। वहां भारी बारिश के कारण भूस्खलन या रास्ते बंद होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों में निचले इलाकों और अंडरपास में पानी जमा होना परेशानी का कारण बन सकता है।
लोगों को भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए। पहाड़ी यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति जांचना तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना सुरक्षित विकल्प है।
24 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
20 अगस्त से अगले कुछ दिनों की तस्वीर देखें तो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान 25 अगस्त तक दिया गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 20-21 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-22 अगस्त के दौरान भारी वर्षा के आसार हैं। (Mausam)
इसका मतलब है कि 24 अगस्त तक देश के उत्तरी हिस्से में मौसम की हलचल खत्म होने वाली नहीं है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि मौसम पूर्वानुमान लगातार अपडेट होते हैं। किसी जिले के लिए चेतावनी का स्तर नए मौसम डेटा के आधार पर बदल सकता है। इसलिए अगले चार-पांच दिनों में यात्रा, आउटडोर कार्यक्रम या पहाड़ी क्षेत्रों की योजना बनाने वाले लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट देखते रहना चाहिए।
मॉनसून अभी एक्टिव, आने वाले दिन अहम
कुल मिलाकर अगस्त का तीसरा सप्ताह देश के बड़े हिस्से के लिए बारिश वाला साबित हो रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना और मध्य भारत में बदलती मॉनसूनी गतिविधियां बता रही हैं कि फिलहाल मॉनसून कमजोर पड़ने के मूड में नहीं है।
20 से 24 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा सतर्कता उन इलाकों में जरूरी होगी जहां मौसम विभाग ने भारी या बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के प्रभावित हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
बारिश खेती और जल संसाधनों के लिहाज से जरूरी है, लेकिन जब यही बारिश बहुत कम समय में अधिक मात्रा में होती है तो परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए मॉनसून के इस सक्रिय दौर में सबसे जरूरी है कि लोग अफवाहों के बजाय आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर भरोसा करें और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं।

