किसानों की आय बढ़ाने और कृषि से जुड़े हर क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के इंटरनेशनल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 17 विभागों के सहयोग से पूरे प्रदेश में किसानों के समग्र विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का अभियान है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रदेश स्तरीय कार्यशाला भविष्य की कार्ययोजना की शुरुआत है। इसके बाद जिला और विधानसभा स्तर पर भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। सरकार ने मार्च 2026-27 तक के लक्ष्य तय किए हैं और सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं। कार्यशाला में प्रदेश भर के विधायक, कृषि से जुड़े एफपीओ, कृषि उद्योग से जुड़े उद्यमी, उन्नत किसान, पशुपालक, डेयरी और दूध उत्पादन से जुड़े लोग शामिल हुए।
कार्यशाला में मत्स्य पालन, डेयरी, फलोद्यान, कृषि उत्पादन, सहकारिता, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली प्रबंधन के जरिए लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य खेती से जुड़े सभी क्षेत्रों में किसानों को बेहतर अवसर और अधिक आय सुनिश्चित करना है।
डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कृषि क्षमता और विविधता को देखते हुए आने वाले समय में मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन और किसानों की समृद्धि के मामले में नई ऊंचाइयों को छूएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार ठोस और परिणाम देने वाले कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
इस पहल से किसानों को नई तकनीक, वैकल्पिक फसल मॉडल और आधुनिक कृषि सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जो उनकी आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने में सहायक होगा।

