Punjab News: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा बजट सत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस योजना के लागू होने के साथ ही अब राज्य की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने सीधे आर्थिक सहायता पहुंचेगी।
पंजाब सरकार के एक्स्ट्राऑर्डिनरी गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह योजना पूरे राज्य में 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से महिलाओं को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनेंगी और अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगी।
इस योजना के तहत महिलाओं को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो।
सरकार ने योजना की पहुंच को आसान बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह मुफ्त रखा है। महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों या सेवा केंद्रों पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। आवेदिका के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है, जिसमें पंजाब का पता दर्ज हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आईडी कार्ड, बैंक खाते की पासबुक और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र भी जरूरी होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर ही पात्रता तय की जाएगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं की सहायता के लिए विशेष फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स की नियुक्ति की जाएगी। ये कर्मी महिलाओं को बैंक खाता खुलवाने, आधार लिंक कराने और आवेदन प्रक्रिया समझाने में मदद करेंगे।
पारदर्शिता और निगरानी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त नियम भी लागू किए हैं। यदि किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी सहायता राशि तुरंत बंद कर दी जाएगी। हालांकि, अंतिम संस्कार के लिए दी गई एडवांस राशि की वसूली नहीं की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से पूरे डेटा की निगरानी की जाएगी।
कुल मिलाकर, ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत और सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

