दिल्ली-एनसीआर में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। गुरुवार को जहां तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया था, वहीं शुक्रवार को अचानक मौसम ने राहत भरा रुख अपना लिया। सुबह से ही आसमान में बदलाव नजर आने लगा था और शाम तक कई इलाकों में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। देर शाम होते-होते कई जगहों पर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग ने पहले ही इस बदलाव के संकेत दे दिए थे। विभाग की ओर से 4 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया था, जिसमें गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई थी। पूर्वानुमान के मुताबिक ही शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिली। कुछ जगहों पर ओले गिरने से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है, जिसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। विभाग का कहना है कि 5 अप्रैल तक हल्की बारिश और बूंदाबांदी जारी रह सकती है, जिससे मौसम में ठंडक बनी रहेगी।
हालांकि 6 अप्रैल को मौसम आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर से बारिश का दौर लौट सकता है। इस दौरान भी गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इस बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी थी, वहीं अब बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन बार-बार हो रहे इस बदलाव से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव वाले मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए। साथ ही तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर का मौसम फिलहाल राहत और बदलाव दोनों का मिश्रण बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जिससे लोगों को कभी गर्मी तो कभी ठंडक का अहसास होता रहेगा।

