Israel Agriculture Model: दुनिया के नक्शे पर छोटा-सा देश इजरायल आज खेती और कृषि तकनीक के क्षेत्र में बड़ी ताकत बन चुका है। हैरानी की बात यह है कि जहां पानी की भारी कमी हो, ज्यादातर इलाका रेगिस्तानी हो और खेती योग्य जमीन सीमित हो, वहां भी इजरायल ने कृषि उत्पादन में ऐसा मॉडल तैयार किया है जिसे दुनिया भर के देश अपनाना चाहते हैं। भारत समेत कई देशों के किसान इजरायली तकनीकों से खेती कर बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।
इजरायल की सबसे बड़ी ताकत उसकी आधुनिक कृषि तकनीक, रिसर्च आधारित खेती और पानी के कुशल इस्तेमाल की नीति है। यही वजह है कि कम संसाधनों के बावजूद यह देश फल, सब्जी, फूल और डेयरी उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है।
ड्रिप इरिगेशन ने बदली खेती की तस्वीर
इजरायल को दुनिया में सबसे ज्यादा पहचान ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई तकनीक (Israel Irrigation System) से मिली। इस तकनीक में पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद पानी पहुंचाया जाता है। इससे पानी की बर्बादी रुकती है और फसल को जरूरत के मुताबिक नमी मिलती है।
भारत में भी राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में किसान इस तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। इससे पानी की बचत के साथ उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक ड्रिप इरिगेशन से 40 से 60 प्रतिशत तक पानी बचाया जा सकता है।
रेगिस्तान में भी उगाई जा रही फसलें
इजरायल का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा रेगिस्तानी है, लेकिन वहां वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से खेती की जा रही है। ग्रीनहाउस फार्मिंग, पॉलीहाउस, सेंसर आधारित सिंचाई और क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम के जरिए किसान मौसम की मार से बचकर खेती करते हैं।
इजरायल में टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी और फूलों की खेती आधुनिक तकनीकों से होती है। वहां किसान मिट्टी की गुणवत्ता, तापमान और नमी की लगातार मॉनिटरिंग करते हैं। इससे कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन हासिल होता है।
पानी की हर बूंद का इस्तेमाल
इजरायल की खेती मॉडल की सबसे बड़ी खासियत पानी का प्रबंधन है। यह देश अपने इस्तेमाल किए गए पानी का बड़ा हिस्सा रिसाइकिल करता है। घरेलू इस्तेमाल के बाद बचे पानी को साफ कर कृषि कार्यों में दोबारा उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा समुद्री पानी को मीठा बनाने की तकनीक यानी डीसैलीनेशन प्लांट भी इजरायल की बड़ी उपलब्धि है। इससे खेती और पीने के पानी की जरूरतों को पूरा किया जाता है। यही वजह है कि सूखे हालात के बावजूद वहां खेती प्रभावित नहीं होती।
रिसर्च और इनोवेशन पर बड़ा फोकस
इजरायल में कृषि को सिर्फ परंपरागत काम नहीं माना जाता, बल्कि इसे विज्ञान और तकनीक से जोड़कर देखा जाता है। वहां कृषि विश्वविद्यालय, रिसर्च सेंटर और टेक कंपनियां मिलकर नई तकनीकें विकसित करती हैं।
किसानों को मौसम, मिट्टी और बाजार की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाती है। ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल खेती में तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इजरायल की सफलता का सबसे बड़ा कारण खेती में लगातार रिसर्च और नई तकनीकों का प्रयोग है।
डेयरी सेक्टर में भी नंबर वन
इजरायल (Israeli Technology) सिर्फ फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि डेयरी सेक्टर में भी दुनिया के सबसे आधुनिक देशों में शामिल है। वहां गायों की हेल्थ मॉनिटरिंग से लेकर दूध उत्पादन तक सब कुछ डिजिटल सिस्टम से नियंत्रित होता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल की गायें दुनिया में सबसे ज्यादा दूध देने वाली गायों में गिनी जाती हैं। सेंसर और कंप्यूटर आधारित सिस्टम की मदद से पशुओं की देखभाल की जाती है।
भारत और इजरायल की कृषि साझेदारी
भारत और इजरायल के बीच कृषि क्षेत्र में मजबूत सहयोग है। देश के कई राज्यों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं जहां किसानों को आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाती है।
हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों में इजरायली तकनीकों से बागवानी और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिला है। किसान कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल तैयार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे देश, जहां पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती बन रहे हैं, वहां इजरायल की तकनीकें खेती का भविष्य बदल सकती हैं।
छोटे किसानों के लिए भी फायदेमंद मॉडल
इजरायल की खेती का मॉडल सिर्फ बड़े किसानों तक सीमित नहीं है। वहां छोटे किसान भी तकनीक का इस्तेमाल कर बेहतर कमाई कर रहे हैं। फसल की गुणवत्ता और निर्यात पर खास ध्यान दिया जाता है।
इजरायल में किसान बाजार की मांग के अनुसार खेती करते हैं। इससे उन्हें बेहतर कीमत मिलती है और नुकसान की संभावना कम होती है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में इजरायल मॉडल की बढ़ती अहमियत
दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन खेती के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। सूखा, बेमौसम बारिश और बढ़ता तापमान कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में इजरायल का स्मार्ट फार्मिंग मॉडल दुनिया के लिए उम्मीद बनकर सामने आया है।
कम पानी में अधिक उत्पादन, तकनीक आधारित खेती और रिसर्च पर जोर जैसी नीतियां भविष्य की कृषि व्यवस्था को मजबूत बना सकती हैं। यही वजह है कि दुनिया के कई देश अब इजरायल की कृषि तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

