महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने सतारा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कई बड़ी घोषणाएं कीं। “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” के दौरान महाराष्ट्र के 5 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्के घरों का गृह प्रवेश कराया गया। इसके साथ ही राज्य को PMAY-G के तहत 8,368.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता देने की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis सहित कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और हजारों ग्रामीण नागरिक मौजूद रहे। सतारा के सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम को ग्रामीण विकास और गरीब कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
हर गरीब को पक्का घर देने का संकल्प
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण कर सुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल मकान निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने का अभियान है।
PMAY-G के लिए 8,368 करोड़ रुपये की सहायता
केंद्रीय मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत महाराष्ट्र को 8,368.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्य को और गति मिलेगी और बेघर-मुक्त महाराष्ट्र का सपना मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पात्र परिवारों का नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें भी सर्वे और सत्यापन के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल घर बनाना नहीं, बल्कि बिजली, पानी, स्वच्छता और बेहतर जीवन सुविधाओं के साथ समग्र ग्रामीण विकास सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत महाराष्ट्र के लिए 35 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की मंजूरी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी। करीब 122.98 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
95.99 किलोमीटर लंबी इन सड़कों से गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क मजबूत होने से स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
विकसित भारत जी राम जी योजना से गांवों को नई दिशा
केंद्रीय मंत्री ने 1 जुलाई से शुरू होने वाली “विकसित भारत जी राम जी योजना” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के समग्र और योजनाबद्ध विकास की नई आधारशिला साबित होगी।
इस योजना के तहत ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करेंगी। इससे गांवों में बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और रोजगार से जुड़े कार्यों को नई गति मिलेगी। शिवराज सिंह ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गांव मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे।
प्याज किसानों को बड़ी राहत
कार्यक्रम में किसानों के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्याज उत्पादक किसानों को राहत देते हुए घोषणा की कि आज से ही National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India यानी NAFED द्वारा 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की खरीद शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार कीमतों में गिरावट आई है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी तथा व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा।
गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने गन्ना उत्पादकों से जुड़े मुद्दों पर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर किसानों की समस्याओं का समाधान निकालेंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर व्यावहारिक समाधान खोजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि के बिना भारत का विकास संभव नहीं है।
महाराष्ट्र बना सुशासन का मॉडल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूर्ण कर लाभार्थियों को समर्पित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आवासों की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ सौर ऊर्जा आधारित बिजली सुविधा और जमीनविहीन परिवारों के लिए विशेष सहायता जैसी पहलें भी की हैं। महाराष्ट्र का लक्ष्य बेघर-मुक्त राज्य बनना है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सतारा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल आवास वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण विकास, किसान कल्याण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार की व्यापक रणनीति का संकेत भी बना। PMAY-G, ग्रामीण सड़क परियोजनाएं, किसान हितैषी फैसले और नई विकास योजनाएं आने वाले समय में महाराष्ट्र के गांवों की तस्वीर बदल सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो ग्रामीण महाराष्ट्र में रोजगार, जीवन स्तर और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

