भारत के कृषि क्षेत्र और एग्री इनपुट उद्योग के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल के तहत जून 2026 में नई दिल्ली में “ICSCE Buyer-Seller Meet 2026” का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन देश का सबसे बड़ा एग्री इनपुट ट्रेड शो माना जा रहा है, जिसमें एग्रोकेमिकल, एग्री-बायोलॉजिकल, उर्वरक, बीज, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्री एआई, पैकेजिंग और कृषि मशीनरी से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यह भव्य आयोजन PMFAI Agribusiness Foundation द्वारा 25-26 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। ICSCE यानी “Indian Crop Science Conference & Exhibition” का आयोजन वर्ष 1997 से लगातार किया जा रहा है और यह अब भारत के एग्री इनपुट सेक्टर का सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस एवं नॉलेज प्लेटफॉर्म बन चुका है।
भारत बन रहा वैश्विक एग्रोकेमिकल हब
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में भारत की तेजी से बढ़ती एग्रोकेमिकल क्षमता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एग्रोकेमिकल निर्यातक बन चुका है। प्रोसेस केमिस्ट्री, बड़े स्तर का विनिर्माण और लागत प्रतिस्पर्धा भारत को वैश्विक फसल सुरक्षा रसायन क्षेत्र में एक मजबूत विकल्प बना रहे हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का एग्रोकेमिकल निर्यात लगभग 43,223 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भारतीय कंपनियां न केवल गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक एग्रोकेमिकल उत्पाद बना रही हैं, बल्कि बायो-फर्टिलाइजर, बायो-पेस्टिसाइड और बायो-स्टिमुलेंट जैसे एग्री-बायोलॉजिकल उत्पादों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
Jitendra Mohan के अनुसार भारत की प्रोसेस केमिस्ट्री क्षमता जेनेरिक उत्पादों और इंटरमीडिएट्स की लागत को 20-30 प्रतिशत तक कम करने में मदद करती है। गुजरात जैसे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 59 GLP लैब्स की मजबूत संरचना भारत को 140 से अधिक देशों तक निर्यात करने में सक्षम बना रही है।
उन्होंने कहा कि “China+1” रणनीति के चलते वैश्विक कंपनियां भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रही हैं और अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक यह उद्योग 14.5 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
एग्री इनपुट सेक्टर के लिए बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म
ICSCE Buyer-Seller Meet 2026 को एग्री इनपुट उद्योग के सभी हितधारकों के लिए एक बड़ा नेटवर्किंग और बिजनेस डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म माना जा रहा है। इस आयोजन में एग्रीकेमिकल निर्माता, निर्यातक, आयातक, तकनीकी विशेषज्ञ, कृषि वैज्ञानिक, बीज कंपनियां, पैकेजिंग उद्योग, स्टार्टअप, ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनियां और नीति निर्माता शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन विशेष रूप से उन कंपनियों और पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण होगा जो भारत में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग, नई सोर्सिंग डेस्टिनेशन और वैश्विक व्यापार साझेदारी की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
कार्यक्रम में 600 से अधिक पेशेवर प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय उद्योग विशेषज्ञों के भाग लेने की संभावना है। इससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक खरीदारों और निवेशकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
AI, ड्रोन और बायोलॉजिकल टेक्नोलॉजी पर रहेगा फोकस
ICSCE 2026 में आधुनिक कृषि तकनीकों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि समाधान, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट स्प्रे सिस्टम, डिजिटल फार्मिंग और जैविक कृषि उत्पादों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एग्री-बायोलॉजिकल उत्पाद और एआई आधारित कृषि समाधान खेती की दिशा बदल सकते हैं। यही कारण है कि इस आयोजन में तकनीकी नवाचार और सतत कृषि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
किन क्षेत्रों की कंपनियां होंगी शामिल
ICSCE Trade Show में कई प्रमुख सेक्टरों की कंपनियां और संस्थाएं भाग लेंगी। इनमें शामिल हैं:
- एग्रोकेमिकल निर्माता और निर्यातक
- फंगीसाइड, हर्बीसाइड और इंसेक्टिसाइड कंपनियां
- बायो-पेस्टिसाइड और बायो-फर्टिलाइजर निर्माता
- बीज उद्योग
- उर्वरक कंपनियां
- रिसर्च लैब और CRO
- पैकेजिंग और स्टोरेज कंपनियां
- एग्री मशीनरी निर्माता
- ड्रोन और एग्री-टेक स्टार्टअप
- लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनियां
इसके अलावा कृषि वैज्ञानिक, एग्रोनॉमिस्ट, नीति निर्माता, किसान संगठन, सहकारी संस्थाएं, पत्रकार और निवेशक भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
ज्ञान साझा करने और B2B नेटवर्किंग का अवसर
ICSCE Buyer-Seller Meet केवल एक ट्रेड शो नहीं बल्कि ज्ञान साझा करने और उद्योग सहयोग का बड़ा मंच भी होगा। इसमें कई प्लेनरी सेशन, तकनीकी प्रस्तुतियां, उत्पाद लॉन्च और इंटरएक्टिव बिजनेस मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह आयोजन भारतीय कृषि उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगा। कार्यक्रम के दौरान बाजार की बदलती मांग, प्रतिस्पर्धा, नई तकनीक, निर्यात अवसर और सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
भारतीय कृषि उद्योग को मिलेगा वैश्विक मंच
भारत तेजी से वैश्विक कृषि व्यापार और एग्री इनपुट निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में ICSCE 2026 जैसे आयोजन भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का बड़ा अवसर देंगे।
कार्यक्रम के जरिए भारतीय एग्रीकेमिकल और एग्री-बायो उद्योग अपनी उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। इससे निर्यात बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और नई साझेदारियां विकसित करने में मदद मिलेगी।
कई बड़ी कंपनियां बनीं आयोजन की भागीदार
इस प्रतिष्ठित आयोजन में कई प्रमुख भारतीय और वैश्विक कंपनियां स्पॉन्सर और सहयोगी के रूप में जुड़ी हैं। इनमें Krishi Rasayan Exports Pvt Ltd, Insecticides India Ltd, Bharat Rasayan, Brenntag और GSP Crop Science Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा कई मीडिया, मार्केटिंग और उद्योग सहयोगी संस्थाएं भी इस आयोजन से जुड़ी हुई हैं।
कृषि क्षेत्र के भविष्य को दिशा देगा ICSCE 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि ICSCE Buyer-Seller Meet 2026 भारतीय कृषि और एग्री इनपुट उद्योग के भविष्य को नई दिशा देने वाला आयोजन साबित हो सकता है। यह मंच न केवल व्यापारिक अवसर बढ़ाएगा बल्कि तकनीकी नवाचार, सतत कृषि और वैश्विक सहयोग को भी मजबूती देगा।
भारत जिस तेजी से एग्रीकेमिकल और एग्री-बायोलॉजिकल क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह आयोजन देश को वैश्विक कृषि व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

