पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के संसाधन प्रबंधन एवं उपभोक्ता विज्ञान विभाग ने खालसा कॉलेज फॉर वुमेन, लुधियाना की छात्राओं के लिए उपभोक्ता अधिकारों और जिम्मेदारियों विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बदलते बाजार परिवेश में सजग, जिम्मेदार और सुरक्षित उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करना था।
व्याख्यान के दौरान विभाग की विशेषज्ञ डॉ. दीपिका बिष्ट ने वर्तमान समय में उपभोक्ता जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते बाजार में उपभोक्ताओं के लिए अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मानकीकरण चिह्नों की भूमिका, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपाय तथा खाद्य मिलावट जैसी गंभीर समस्या पर विशेष रूप से चर्चा की।
डॉ. बिष्ट ने छात्राओं को बताया कि किसी भी वस्तु को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, प्रमाणिकता और सुरक्षा संबंधी संकेतकों की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्क रहने, संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से बचने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जागरूक उपभोक्ता न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकता है, बल्कि समाज में भी सही उपभोक्ता व्यवहार को बढ़ावा दे सकता है।
इस जागरूकता सत्र में लगभग 50 छात्राओं ने भाग लिया और संवादात्मक चर्चा में सक्रिय रुचि दिखाई। छात्राओं ने उपभोक्ता संरक्षण, ऑनलाइन खरीदारी, गुणवत्ता चिन्हों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। इस सहभागिता से कार्यक्रम का माहौल शिक्षाप्रद और प्रभावी बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. शरणबीर कौर बल ने छात्राओं को खरीदारी करते समय जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार उपभोक्ता बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सही जानकारी ही उपभोक्ता की सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं को इस दिशा में सजग रहकर अपने अधिकारों का उचित उपयोग करना चाहिए।
यह व्याख्यान छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ, क्योंकि इससे उन्हें न केवल उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी मिली, बल्कि सुरक्षित उपभोक्ता व्यवहार अपनाने की व्यावहारिक समझ भी विकसित हुई। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार उपभोक्ता संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

