भारतीय कृषि और बीज उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में श्रीराम बायोसीड जेनेटिक्स (डीसीएम श्रीराम लिमिटेड का एक प्रभाग) को प्रतिष्ठित “Excellence in Genetic Research and Crop Improvement Award” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हैदराबाद में आयोजित India Seed Trade & Innovation Summit 2026 के दौरान ICRISAT द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार फसल सुधार, आनुवंशिक अनुसंधान और किसानों के लिए उन्नत बीज विकसित करने के क्षेत्र में कंपनी के उत्कृष्ट योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
कंपनी ने इस उपलब्धि को अपने वैज्ञानिकों, अनुसंधान विशेषज्ञों, कर्मचारियों, व्यापारिक सहयोगियों और सबसे महत्वपूर्ण देशभर के किसानों को समर्पित किया है, जिनके भरोसे और सहयोग ने बायोसीड को लगातार बेहतर कृषि समाधान विकसित करने की प्रेरणा दी है।
अनुसंधान और नवाचार की दिशा में बड़ी उपलब्धि
भारत में कृषि क्षेत्र तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रहा है। बदलते मौसम, सीमित संसाधनों और बढ़ती खाद्यान्न मांग के बीच ऐसी फसल किस्मों की आवश्यकता है जो अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ रोगों और प्रतिकूल परिस्थितियों का भी बेहतर सामना कर सकें। इसी उद्देश्य से बायोसीड पिछले कई वर्षों से आधुनिक जेनेटिक रिसर्च और फसल सुधार कार्यक्रमों पर लगातार कार्य कर रहा है।
कंपनी का कहना है कि अनुसंधान एवं विकास (R&D) में किए गए निवेश, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई नई किस्मों के कारण उसे यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि भारतीय निजी बीज उद्योग वैश्विक स्तर पर नवाचार और गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रहा है।
किसानों की जरूरतों के अनुरूप विकसित हो रहे बीज
बायोसीड का उद्देश्य केवल अधिक उत्पादन देने वाले बीज विकसित करना नहीं है, बल्कि ऐसे समाधान तैयार करना है जो किसानों की लागत कम करें, बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन दें और उन्हें बाजार में अधिक लाभ दिलाने में मदद करें।
कंपनी लगातार ऐसी फसल किस्मों पर कार्य कर रही है जो कम अवधि में तैयार हों, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सहन कर सकें, रोगों के प्रति बेहतर प्रतिरोधक क्षमता रखें और विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करें। यही कारण है कि बायोसीड की कई किस्में देश के अलग-अलग राज्यों में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
मोटे दाने वाले हाइब्रिड धान की बढ़ रही लोकप्रियता
बायोसीड ने जानकारी दी कि भारत में मोटे दाने वाले हाइब्रिड धान की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और झारखंड जैसे राज्यों के किसान अब आधुनिक हाइब्रिड धान की किस्मों को तेजी से अपना रहे हैं।
इस बढ़ती लोकप्रियता के पीछे बेहतर उत्पादन क्षमता, अधिक ग्रेन टेस्ट वेट, आकर्षक दाना, अच्छी बाजार मांग और किसानों को मिलने वाला बेहतर मूल्य प्रमुख कारण हैं। आधुनिक खेती में किसान अब केवल अधिक उपज पर ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और बाजार में मिलने वाले लाभ पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।
‘बायोसीड अल्टिमैक्स गजराज’ बना किसानों की पसंद
कंपनी ने अपने लोकप्रिय हाइब्रिड धान ‘बायोसीड अल्टिमैक्स गजराज’ को किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बताया है। यह किस्म विशेष रूप से उन किसानों के लिए विकसित की गई है जो कम अवधि में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।
कंपनी के अनुसार इस हाइब्रिड की प्रमुख विशेषताओं में लगभग 115 से 118 दिनों में तैयार होने वाली फसल, मजबूत पौधे, बेहतर टिलरिंग क्षमता, आकर्षक एवं मोटा दाना तथा अधिक उत्पादन की क्षमता शामिल है। इसके साथ ही यह किस्म कई प्रमुख रोगों के प्रति बेहतर सहनशीलता भी रखती है, जिससे किसानों का जोखिम कम होता है और उत्पादन स्थिर बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम अवधि में तैयार होने वाली ऐसी उन्नत किस्में किसानों को समय पर अगली फसल लेने का अवसर भी देती हैं, जिससे उनकी कुल कृषि आय में वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है।
सब्जी फसलों में भी आधुनिक तकनीक
धान के अलावा बायोसीड ने सब्जी फसलों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी का ‘ब्लैकस्टोन’ हाइब्रिड तरबूज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस हाइब्रिड की विशेषताओं में 4 से 6 किलोग्राम वजन के आकर्षक फल, गहरा लाल गूदा, अधिक मिठास, मजबूत छिलका और बेहतर परिवहन क्षमता शामिल हैं। मजबूत छिलके के कारण फल लंबी दूरी तक सुरक्षित पहुंचते हैं, जिससे किसानों को दूर-दराज के बाजारों में भी बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है।
टिकाऊ कृषि की दिशा में मजबूत कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की कृषि केवल अधिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टिकाऊ खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक नवाचार उसकी सफलता की आधारशिला होंगे। ऐसे समय में बायोसीड को मिला “Excellence in Genetic Research and Crop Improvement Award” यह दर्शाता है कि भारतीय बीज उद्योग आधुनिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में सक्षम है।
कंपनी ने कहा कि वह भविष्य में भी किसानों के लिए अधिक उत्पादक, गुणवत्तापूर्ण और जलवायु-अनुकूल बीज विकसित करने के अपने प्रयास जारी रखेगी। किसानों की आय बढ़ाने, बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने और भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में यह सम्मान कंपनी के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का कार्य करेगा।

