• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result

एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सीएक्यूएम का सख्त रुख, प्रवर्तन तंत्र और मजबूत

Fiza by Fiza
April 4, 2026
in Uncategorized
0
एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सीएक्यूएम का सख्त रुख, प्रवर्तन तंत्र और मजबूत
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने अपने प्रवर्तन प्रयासों को और तेज कर दिया है। आयोग के प्रवर्तन कार्य बल (ETF) की 128वीं बैठक 2 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई, जिसमें 14 मार्च से 26 मार्च 2026 के बीच किए गए निरीक्षणों और कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस अवधि के दौरान सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने कुल 175 निरीक्षण किए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस (C&D) गतिविधियों से जुड़े 23 स्थल, औद्योगिक क्षेत्रों में 37 इकाइयाँ और डीजल जनरेटर (DG सेट) से संबंधित 114 निरीक्षण शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन सामने आया, जिसके आधार पर 10 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि 27 इकाइयों में डीजी सेट सील करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा 8 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और एक मामले में पर्यावरणीय मुआवजा लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रवर्तन कार्य बल ने सड़क धूल प्रबंधन की स्थिति की भी समीक्षा की। मेरठ और फरीदाबाद के 16 जोनों में किए गए निरीक्षणों के दौरान 140 उल्लंघन पाए गए। इन मामलों में संबंधित नगर निकायों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सुधारात्मक कदम उठाएं और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि निर्माण स्थलों, औद्योगिक इकाइयों, डीजल जनरेटर सेट और स्टोन क्रशर जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों को प्रदूषण के प्रमुख स्रोत मानते हुए निरीक्षणों को और केंद्रित और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।

सीएक्यूएम ने 2 अप्रैल 2026 तक की संचयी प्रवर्तन स्थिति की भी समीक्षा की। आंकड़ों के अनुसार, आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा अब तक 26,672 से अधिक इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है।

इन निरीक्षणों के आधार पर 1,755 इकाइयों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए, जिनमें से 1,330 इकाइयों को अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद फिर से संचालन की अनुमति दी गई है। इसके अलावा 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को भेजा गया है, जबकि 302 मामलों की जांच अभी जारी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों का पुनर्गठन किया जा रहा है, जिससे निरीक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार हो सके। नई टीम संरचना जल्द लागू की जाएगी।

आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सख्त प्रवर्तन और पर्यावरणीय मानकों के पालन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई। साथ ही निरीक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, जवाबदेही तय करने और अनुवर्ती कार्रवाई को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।

सीएक्यूएम का यह सख्त रुख दर्शाता है कि एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब अधिक संगठित और परिणाम-केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित निरीक्षण, उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से आने वाले समय में वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

 

Previous Post

Amla Juice Processing Techniques किसानों के लिए फायदे और अवसर

Next Post

कपास छोड़ मूंगफली की ओर बढ़े किसान, 2026-27 में उत्पादन 3% बढ़ने का अनुमान

Next Post
कपास छोड़ मूंगफली की ओर बढ़े किसान, 2026-27 में उत्पादन 3% बढ़ने का अनुमान

कपास छोड़ मूंगफली की ओर बढ़े किसान, 2026-27 में उत्पादन 3% बढ़ने का अनुमान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Papaya Farming कैसे करें? शुरुआती किसानों के लिए पूरी गाइड (Papaya Farming Guide)
  • आत्मनिर्भर दाल उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम, सीड हब्स की समीक्षा, बीज उपयोग रणनीति पर जोर”
  • झारखंड के लिए कृषि एक्शन प्लान 2026–27 पर मंथन: किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती पर केंद्र का फोकस
  • रासायनिक उर्वरकों पर लगाम, जैविक खेती को बढ़ावा, डॉ. एम. एल. जाट का टिकाऊ कृषि मॉडल पर जोर
  • गंगा एक्सप्रेसवे कई सेक्टर में होगा गेम चेंजर साबित, किसानों को भी मिलेगा लाभ

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.