ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी देशों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कई शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। सोमवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले (Drone Attack at Dubai) की घटना के बाद कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे के नजदीक आग लगने की घटना सामने आने के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से दुबई सहित यूएई के कई शहरों को निशाना बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि यूएई सरकार ने आधिकारिक तौर पर किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। ड्रोन हमले की खबर सामने आने के बाद एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Drone Attack at Dubai) दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां हर दिन सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में उड़ानों के अस्थायी रूप से रोके जाने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही उड़ानों को दोबारा सामान्य रूप से संचालित किया जाएगा।
इस बीच क्षेत्रीय तनाव का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है। यूएई प्रशासन ने युद्ध और सुरक्षा हालात से जुड़ी भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई फर्जी वीडियो और अफवाहें फैल रही थीं, जिससे लोगों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी।
इसी मामले में यूएई के अटॉर्नी जनरल ने 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, जिनमें 19 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सामग्री साझा की, जिससे सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूएई सरकार ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अपुष्ट खबरों या वीडियो को साझा करने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र पर पड़ सकता है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो खाड़ी देशों की सुरक्षा और वैश्विक हवाई यातायात पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल यूएई में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।

