IMD Alert Monsoon: देश के कई हिस्सों में जहां भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, वहीं मौसम विभाग ने बारिश को लेकर नया अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज यानी 8 जून को बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, केरल, महाराष्ट्र, नागालैंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ राज्यों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना है, जिससे भूस्खलन, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
इन राज्यों में बारिश की संभावना
आज बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, केरल, महाराष्ट्र, नागालैंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होगी, जबकि कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर केरल और कर्नाटक के कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे देश के और हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। IMD के अनुसार, 7 जून को मानसून ने पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ अतिरिक्त हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ी है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इससे किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिल सकती है, लेकिन तेज बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव से सावधानी बरतनी होगी।
कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
IMD के अनुसार, 8 से 10 जून के बीच कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक के कई इलाकों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें। मछुआरों को भी समुद्र में जाने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में 13 जून तक बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 7 से 13 जून तक पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक वर्षा का अनुमान जताया है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।
उत्तर भारत में गर्मी से राहत की उम्मीद
उत्तर भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई मैदानी क्षेत्रों में लोग मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग की गतिविधियों को देखते हुए आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम बदल सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खरीफ फसलों की तैयारी शुरू हो चुकी है। धान, मक्का, सोयाबीन और दलहनी फसलों की बुवाई से पहले किसान खेतों की नमी और जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें।
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां किसान खेतों में पानी जमा न होने दें। सब्जी और बागवानी फसलों में जलभराव से जड़ सड़न जैसी समस्या हो सकती है। पशुपालक भी पशुओं को खुले में बांधने से बचें और उन्हें सुरक्षित व सूखे स्थान पर रखें।
यात्रा करने वालों के लिए अलर्ट
अगर आप आज या आने वाले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। खासकर पहाड़ी राज्यों, तटीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।
तेज बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं शहरों में जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। ऐसे में यात्रा से पहले रूट और मौसम दोनों की जानकारी लेना जरूरी है।
निष्कर्ष
देश में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। एक तरफ कई राज्यों में गर्मी और उमस का असर जारी है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं। IMD ने 8 जून को कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें।

