देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने लू (हीटवेव) को लेकर व्यापक दिशानिर्देश और चेतावनी जारी की है। विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका जताई है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
आईएमडी के अनुसार, वर्तमान में कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। राजस्थान के श्री गंगानगर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो इस मौसम के लिए काफी अधिक है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जिससे गर्मी का प्रभाव और गंभीर हो गया है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप बना रह सकता है। इसके अलावा तटीय राज्यों—जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश—में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। वहीं, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 27 अप्रैल तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, मध्य और अन्य क्षेत्रों में तापमान में पहले बढ़ोतरी और फिर गिरावट का क्रम जारी रहने की संभावना है।
मौजूदा हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए कई जरूरी सावधानियां सुझाई हैं। इसमें दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना और अत्यधिक शारीरिक श्रम से बचना शामिल है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि हीट एग्जॉस्टशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए समय रहते सतर्कता बेहद जरूरी है। विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश), मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ) और कुछ दक्षिणी क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी रह सकती है।
इसके साथ ही अप्रैल से जून 2026 के मौसमी पूर्वानुमान में भी यह संकेत दिया गया है कि पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में इस बार सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है। यह स्थिति आने वाले हफ्तों में गर्मी के और गंभीर होने की ओर इशारा करती है।
मौसम विभाग ने नागरिकों, स्थानीय प्रशासन और समुदायों को सलाह दी है कि वे जारी दिशानिर्देशों का पालन करें और समय-समय पर मौसम से जुड़ी अपडेट लेते रहें। विभाग ने कहा है कि सही जानकारी और सतर्कता के जरिए ही इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
आईएमडी द्वारा जारी विस्तृत दिशानिर्देशों में “क्या करें और क्या न करें” के साथ-साथ तैयारी के उपाय भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखना और लू से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर चेतावनी जारी कर रहा है।

