sugarcane farmers: उत्तर प्रदेश में गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है, जिससे लाखों किसान अपनी आजीविका चलाते हैं. लेकिन अच्छी पैदावार के लिए इसकी वैज्ञानिक तरीके से देखभाल बेहद जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने किसानों के लिए अहम चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार इस समय गन्ने की फसल पर अंकुर बेधक (अर्ली शूट बोरर) और चोटी बेधक (टॉप बोरर) कीट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जो उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.
विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना ने बताया कि अप्रैल से जून का समय गन्ने की फसल के लिए बेहद संवेदनशील होता है. इस दौरान यदि किसानों ने सावधानी नहीं बरती, तो कीटों का प्रकोप तेजी से फैल सकता है और फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए गए उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार अंकुर बेधक और चोटी बेधक कीट पौधों के अंदर घुसकर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं. ये सूंडियां गन्ने के कोमल हिस्से को खाती हुई नीचे की ओर बढ़ती हैं, जिससे पौधे की बीच की पत्ती सूख जाती है. ऐसी पत्तियां आसानी से खींचने पर निकल जाती हैं, जिसे किसान ‘डेड हार्ट’ के रूप में पहचान सकते हैं. यह स्थिति फसल की वृद्धि को रोक देती है और उत्पादन में गिरावट लाती है.
गन्ना विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि प्रभावित पौधों को तुरंत पहचानकर उन्हें जड़ से काटकर नष्ट कर दें, ताकि कीट का फैलाव रोका जा सके. इसके अलावा खेत की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है, जिससे शुरुआती अवस्था में ही कीटों को नियंत्रित किया जा सके.
बचाव के उपायों में जैविक और रासायनिक दोनों तरीके शामिल हैं. किसान ट्राइकोकार्ड का उपयोग 15 दिन के अंतराल पर कर सकते हैं, जो कीटों के अंडों को नष्ट करने में मदद करता है. वहीं, रासायनिक नियंत्रण के लिए फिप्रोनिल और इमिडाक्लोप्रिड या क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल और थायोमेथॉक्सम के मिश्रण का उपयोग किया जा सकता है. इन दवाओं को पानी में मिलाकर ड्रेंचिंग करने से कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
इसके अलावा, खेत में फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाना भी काफी कारगर तरीका है. इन्हें 25 से 30 मीटर की दूरी पर लगाने से वयस्क कीटों को आकर्षित कर पकड़ा जा सकता है, जिससे उनकी संख्या कम होती है. जड़ों के पास ड्रेंचिंग करके भी अंदर छिपी सूंडियों को खत्म किया जा सकता है.
कुल मिलाकर, यदि किसान समय रहते इन उपायों को अपनाते हैं, तो गन्ने की फसल (sugarcane farmers) को सुरक्षित रखा जा सकता है और बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे लापरवाही न बरतें और वैज्ञानिक सलाह का पालन करते हुए अपनी फसल की नियमित देखभाल करें, ताकि नुकसान से बचा जा सके.

