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Mega Food Park Scheme: किसानों की आय बढ़ाने और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने वाली बड़ी पहल

Mega Food Park Scheme: A major initiative to increase farmers' income and promote food processing

Fiza by Fiza
June 5, 2026
in योजना
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Mega Food Park Scheme

Mega Food Park Scheme

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Mega Food Park Scheme: भारत कृषि प्रधान देश है, लेकिन लंबे समय तक किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। फल, सब्जियां, अनाज और अन्य कृषि उत्पादों का बड़ा हिस्सा भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण खराब हो जाता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने मेगा फूड पार्क योजना (Mega Food Park Scheme) शुरू की।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन को सीधे बाजार और फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ना है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके, खाद्य पदार्थों की बर्बादी कम हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। यह योजना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा संचालित की गई थी।

क्या है मेगा फूड पार्क योजना?

मेगा फूड पार्क एक ऐसा आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर है जहां कृषि उत्पादों की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होती हैं।

इस योजना का उद्देश्य किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और खुदरा बाजार को एक मंच पर लाना है ताकि कृषि उत्पादों का मूल्य बढ़ाया जा सके और किसानों को अधिक लाभ मिल सके।

योजना का उद्देश्य

मेगा फूड पार्क योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • कृषि उत्पादन को बाजार से जोड़ना।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देना।
  • किसानों की आय बढ़ाना।
  • फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित करना।
  • कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन (Value Addition) बढ़ाना।
  • निर्यात योग्य खाद्य उत्पाद तैयार करना।

किसानों के लिए कैसे कार्य करती है यह योजना?

1. उपज का बेहतर मूल्य

मेगा फूड पार्क के माध्यम से किसान सीधे प्रोसेसिंग यूनिट्स को अपनी उपज बेच सकते हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को बेहतर कीमत मिलती है।

2. फसल खराब होने की समस्या कम

फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, जिससे नुकसान कम होता है।

3. स्थानीय स्तर पर बाजार

किसानों को दूर-दराज की मंडियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। स्थानीय स्तर पर ही खरीदार उपलब्ध हो जाते हैं।

4. रोजगार के अवसर

फूड पार्क में स्थापित इकाइयों के कारण ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलता है।

5. अनुबंध खेती और एफपीओ को बढ़ावा

कई फूड पार्क किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और समूह आधारित खेती को प्रोत्साहित करते हैं।

6. मूल्य संवर्धन

टमाटर से सॉस, आम से पल्प, दूध से डेयरी उत्पाद और मक्का से प्रोसेस्ड फूड तैयार करके अधिक लाभ कमाया जा सकता है।

मेगा फूड पार्क की संरचना

एक मेगा फूड पार्क कई घटकों से मिलकर बना होता है:

केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (Central Processing Centre)

यह पूरे फूड पार्क का मुख्य केंद्र होता है जहां प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की सुविधाएं होती हैं।

प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (Primary Processing Centre)

यह किसानों के उत्पादन क्षेत्रों के निकट स्थापित किए जाते हैं।

संग्रह केंद्र (Collection Centres)

इन केंद्रों पर किसानों से सीधे कृषि उत्पाद एकत्र किए जाते हैं।

कोल्ड चेन नेटवर्क

उत्पादों को सुरक्षित रखने और परिवहन के लिए कोल्ड स्टोरेज एवं रेफ्रिजरेटेड वाहनों की व्यवस्था होती है।

किन राज्यों में संचालित हैं मेगा फूड पार्क?

देश के अनेक राज्यों में मेगा फूड पार्क स्वीकृत किए गए हैं। इनमें प्रमुख राज्य शामिल हैं:

  • आंध्र प्रदेश
  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम
  • बिहार
  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू-कश्मीर
  • कर्नाटक
  • केरल
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • मणिपुर
  • मेघालय
  • ओडिशा
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • तेलंगाना
  • त्रिपुरा
  • उत्तराखंड
  • पश्चिम बंगाल आदि।

प्रमुख मेगा फूड पार्क

देश के कुछ प्रमुख मेगा फूड पार्क निम्न हैं:

  • श्रीनी फूड पार्क, चित्तूर (आंध्र प्रदेश)
  • गोडावरी मेगा एक्वा फूड पार्क (आंध्र प्रदेश)
  • नॉर्थ ईस्ट मेगा फूड पार्क (असम)
  • इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क (छत्तीसगढ़)
  • गुजरात एग्रो इंफ्रास्ट्रक्चर मेगा फूड पार्क
  • इंटीग्रेटेड फूड पार्क, तुमकुर (कर्नाटक)
  • किंफ्रा मेगा फूड पार्क (केरल)
  • इंडस मेगा फूड पार्क (मध्य प्रदेश)
  • सातारा मेगा फूड पार्क (महाराष्ट्र)
  • स्मार्ट एग्रो फूड पार्क (तेलंगाना)
  • पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क (उत्तराखंड)
  • जंगीपुर बंगाल मेगा फूड पार्क (पश्चिम बंगाल)।

योजना से किसानों को होने वाले प्रमुख लाभ

आय में वृद्धि

किसानों को प्रोसेसिंग उद्योगों से सीधा जुड़ाव मिलता है।

बाजार तक आसान पहुंच

स्थानीय स्तर पर बिक्री के अवसर बढ़ते हैं।

फसल की बर्बादी में कमी

भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के कारण नुकसान कम होता है।

नई फसलों को बढ़ावा

फल, सब्जी, मसाले, डेयरी और बागवानी फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलता है।

निर्यात के अवसर

प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़ता है।

ग्रामीण विकास

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार बढ़ते हैं।

किसान इस योजना का लाभ कैसे लें?

हालांकि मेगा फूड पार्क सीधे किसानों को व्यक्तिगत सब्सिडी देने वाली योजना नहीं है, लेकिन किसान निम्न तरीकों से लाभ उठा सकते हैं:

चरण 1: नजदीकी मेगा फूड पार्क की जानकारी प्राप्त करें

जिले के कृषि विभाग, उद्योग विभाग या फूड प्रोसेसिंग विभाग से जानकारी लें।

चरण 2: एफपीओ या सहकारी समिति से जुड़ें

FPO के माध्यम से किसानों को बड़े खरीदारों तक पहुंच मिलती है।

चरण 3: प्रोसेसिंग इकाइयों से संपर्क करें

फूड पार्क में संचालित कंपनियों से अनुबंध खेती या आपूर्ति समझौता किया जा सकता है।

चरण 4: मूल्य संवर्धन अपनाएं

कच्चे उत्पाद की बजाय प्रोसेस्ड उत्पाद बेचकर अधिक लाभ कमाया जा सकता है।

चरण 5: सरकारी योजनाओं का लाभ लें

PMFME, PMKSY, Operation Greens जैसी योजनाओं के साथ जुड़कर अतिरिक्त सहायता प्राप्त की जा सकती है।

आवेदन प्रक्रिया

यदि कोई किसान समूह, एफपीओ, सहकारी समिति या उद्यमी फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना चाहता है, तो वह खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की योजनाओं के तहत आवेदन कर सकता है।

आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • भूमि संबंधी दस्तावेज
  • परियोजना रिपोर्ट
  • एफपीओ या संस्था का पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

आवेदन संबंधित योजना के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल या राज्य सरकार के विभागों के माध्यम से किया जा सकता है।

क्या है चुनौतियां

योजना के कई लाभ हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं:

  • कुछ राज्यों में परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
  • कई फूड पार्कों में क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो रहा।
  • किसानों में जागरूकता की कमी।
  • छोटे किसानों की सीमित भागीदारी।
  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन संबंधी समस्याएं।

भविष्य की संभावनाएं

भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन सुविधाओं से जोड़ा जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

केंद्र और राज्य सरकारें खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, नए फूड पार्क विकसित करने और कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने पर लगातार कार्य कर रही हैं।

निष्कर्ष

मेगा फूड पार्क योजना भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल रही है। इस योजना ने किसानों, खाद्य उद्योगों और बाजार के बीच एक मजबूत कड़ी बनाने का कार्य किया है। कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग और विपणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है।

यदि किसान एफपीओ, सहकारी समितियों और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों से जुड़कर मूल्य संवर्धन आधारित खेती अपनाते हैं, तो यह योजना उनकी आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Tags: : Mega Food Park Schemeagriculture newsFarmer IncomeFood Park IndiaFood Processing IndustryFood Processing SchemeMega Food Park YojanaMoFPIPMKSYकिसान आयकिसान योजनाकृषि समाचारफूड प्रोसेसिंगसरकारी योजना
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