Mountain Traffic Jam: गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक इन दिनों पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जाने वाले लोगों को इस बार खूबसूरत वादियों से पहले भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई प्रमुख मार्गों पर 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे तक का समय लग रहा है। हजारों वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आ रहे हैं और पर्यटक घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं।
वीकेंड, स्कूलों की छुट्टियां और पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण दोनों राज्यों में पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। इससे पहाड़ी सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस लगातार व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर हालात नियंत्रण से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं।
हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी दबाव
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला, कसौली और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। मनाली जाने वाले मार्गों पर भी वाहन घंटों तक फंसे हुए हैं।
पर्यटकों का कहना है कि जहां सामान्य दिनों में 3 से 4 घंटे में सफर पूरा हो जाता था, वहीं अब उसी दूरी को तय करने में दोगुना समय लग रहा है। कई परिवारों को रात का समय भी जाम में ही बिताना पड़ रहा है।
उत्तराखंड में भी स्थिति गंभीर
उत्तराखंड के मसूरी, नैनीताल, रानीखेत, भीमताल और चारधाम मार्गों पर भी भारी ट्रैफिक दबाव देखा जा रहा है। देहरादून-मसूरी रोड पर लंबी वाहन कतारें लगी हुई हैं। नैनीताल की ओर जाने वाले मार्गों पर भी वाहनों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक पहुंच चुकी है। यात्रियों का कहना है कि होटल तक पहुंचने में भी घंटों का समय लग रहा है। कई जगह पार्किंग फुल हो चुकी हैं, जिससे सड़क किनारे वाहनों की कतारें और बढ़ रही हैं।
50 किलोमीटर के लिए लग रहे 8 घंटे
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो सप्ताहांत पर परिवार के साथ पहाड़ों की यात्रा पर निकले हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे लग रहे हैं।
कुछ स्थानों पर वाहनों की रफ्तार इतनी धीमी है कि लोग गाड़ियों से उतरकर पैदल चलते दिखाई दे रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों लग रहा है इतना बड़ा जाम?
विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम के पीछे कई कारण हैं।पहला कारण पर्यटन सीजन में अचानक बढ़ी पर्यटकों की संख्या है। दूसरा कारण सीमित सड़क क्षमता है, जो इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव नहीं झेल पाती। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य और मरम्मत भी जारी है, जिससे यातायात की गति प्रभावित हो रही है। कुछ क्षेत्रों में अवैध पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण भी समस्या और बढ़ गई है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांचें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
अधिकारियों ने लोगों से सुबह जल्दी या देर रात यात्रा करने की अपील की है ताकि पीक ऑवर ट्रैफिक से बचा जा सके। साथ ही वाहन चालकों को पर्याप्त ईंधन, पीने का पानी और आवश्यक दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है।
होटल और पर्यटन उद्योग को मिल रहा फायदा
एक ओर जहां जाम यात्रियों के लिए परेशानी बन रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन उद्योग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी सेवा और स्थानीय कारोबारियों को इसका लाभ मिल रहा है।
शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल के कई होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि इस साल पर्यटकों की संख्या पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी बनी रह सकती है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी राज्यों की ओर रुख कर सकते हैं। यदि पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो ट्रैफिक दबाव और बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक कर्मियों और पार्किंग प्रबंधन के जरिए हालात संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत होगी।
निष्कर्ष
गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की ओर जा रहे पर्यटकों को इस समय भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और छोटी दूरी तय करने में भी कई घंटे लग रहे हैं। यदि आप आने वाले दिनों में पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो ट्रैफिक अपडेट, मौसम की जानकारी और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से जरूर जुटा लें।

