छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के अभियान को अब और गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत राज्य में पिछले एक दशक के दौरान 20.53 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में 3.65 लाख नए ग्रामीण आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जेठा में आयोजित विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और योजना के लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपेंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण और पंचायत पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री के दौरे में ग्रामीण आवास के साथ-साथ Panchayati Raj, Rural Development, Women Empowerment और Self Help Groups से जुड़े विषय भी प्रमुख रहेंगे।
20.53 लाख से ज्यादा परिवारों का पक्के घर का सपना हुआ पूरा
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पिछले एक दशक में बड़े स्तर पर आवास निर्माण हुआ है। वर्ष 2014-15 से अब तक राज्य में 25,13,351 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
इस लक्ष्य के मुकाबले 24,53,466 आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 20,53,927 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है।
यानी दो करोड़ से अधिक? नहीं, बल्कि 20.53 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए पक्के घर का सपना अब हकीकत बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसी परिवार के लिए पक्का घर केवल रहने की जगह नहीं होता, बल्कि यह उसकी सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्थिरता से भी जुड़ा होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे ही जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे कच्चे और असुरक्षित मकानों से निकलकर सुरक्षित पक्के घर में रह सकें।
सक्ती के जेठा में होने वाला Griha Pravesh Programme इसी अभियान की जमीनी सफलता को प्रदर्शित करेगा।
PMAY-G पर केंद्र सरकार ने खर्च किए 16,853 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास अभियान को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी बड़ी राशि खर्च की गई है।
आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण पर अब तक केंद्र सरकार की ओर से 16,853.73 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
वहीं केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी को मिलाकर इस योजना पर कुल 25,504.76 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
यह निवेश बताता है कि ग्रामीण Housing Infrastructure को मजबूत करना सरकार के Rural Development Agenda का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पक्के आवासों के निर्माण का असर केवल Housing Sector तक सीमित नहीं रहता। निर्माण गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार, मजदूरी, निर्माण सामग्री की मांग और छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है। इस तरह ग्रामीण आवास योजना स्थानीय Rural Economy को भी गति देने में योगदान कर सकती है।
नए वित्त वर्ष में 3.65 लाख नए घरों का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। जिन पात्र परिवारों को अभी तक पक्का घर नहीं मिल पाया है, उनके लिए अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वित्त वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ को 3,65,179 नए प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
इन नए आवासों का निर्माण Awaas+ 2024 Survey की सूची में शामिल पात्र परिवारों के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन जरूरतमंद परिवारों को भी Housing Support उपलब्ध कराना है जो आवास योजना के अगले चरण में पात्र पाए गए हैं।
इन नए आवासों के निर्माण पर लगभग 4,382.15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नए लक्ष्य से उन ग्रामीण परिवारों को बड़ी उम्मीद जगी है जो लंबे समय से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं। यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार निर्माण कार्य आगे बढ़ता है, तो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में Housing Coverage और मजबूत हो सकती है।
सक्ती में लाभार्थियों को सौंपी जाएगी घर की चाबी
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे का सबसे प्रमुख कार्यक्रम सक्ती जिले के जेठा में आयोजित PM Awas Yojana-G के गृह प्रवेश समारोह से जुड़ा है।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान योजना के लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबी सौंपी जाएगी।
घर की चाबी सौंपने का यह कार्यक्रम सरकारी योजना के आंकड़ों को जमीनी उपलब्धि से जोड़ने का अवसर भी होगा। एक ओर जहां सरकार द्वारा स्वीकृत और पूर्ण आवासों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर लाभार्थी परिवार नए घर में प्रवेश कर अपने जीवन का नया अध्याय शुरू करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे House Ownership और Griha Pravesh Events का सामाजिक महत्व भी काफी बड़ा है, क्योंकि पक्का घर परिवार को लंबे समय के लिए सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करता है।
पंचायत पदाधिकारियों की कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण विकास पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे में केवल आवास योजना ही नहीं, बल्कि Panchayat Level Governance भी महत्वपूर्ण विषय रहेगा।
शिवराज सिंह चौहान पंचायत पदाधिकारियों की कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। सम्मेलन में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
विशेष रूप से पंचायत स्तर पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के Effective Implementation, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच और ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पंचायतें ग्रामीण विकास योजनाओं के Implementation में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद योजनाओं की वास्तविक स्थिति, चुनौतियों और संभावित सुधारों को समझने में मदद कर सकता है।
इस Conference के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर Convergence और Implementation को लेकर भी चर्चा की संभावना है।
लखपति दीदी सम्मेलन में महिलाओं से सीधा संवाद
शिवराज सिंह चौहान के दौरे का एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम लखपति दीदी सम्मेलन होगा।
इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री महिला हितग्राहियों और Self Help Groups (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधे संवाद करेंगे।
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण Policy Focus बना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य Income-Generating Activities से जुड़ रही हैं।
लखपति दीदी पहल का व्यापक उद्देश्य महिलाओं की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
सम्मेलन में महिलाओं के अनुभव, उनके सामने आने वाली चुनौतियां और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के अवसर चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
Self Help Groups से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी
ग्रामीण विकास में Women-led Entrepreneurship का महत्व लगातार बढ़ रहा है। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
SHG Model के तहत महिलाएं बचत, ऋण, उत्पादन, प्रसंस्करण और छोटे कारोबार जैसी गतिविधियों से जुड़ सकती हैं। इससे परिवार की आय में योगदान बढ़ने के साथ महिलाओं की Decision-Making Capacity भी मजबूत होती है।
छत्तीसगढ़ जैसे बड़े ग्रामीण आबादी वाले राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों का विस्तार Rural Economy के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान महिलाओं से सीधा संवाद इस बात को समझने का अवसर देगा कि जमीनी स्तर पर योजनाओं से उन्हें किस प्रकार का लाभ मिल रहा है और आगे किन क्षेत्रों में सहायता की जरूरत है।
PM आवास योजना से ग्रामीण जीवन में बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का प्रभाव केवल घर मिलने तक सीमित नहीं माना जा सकता। सुरक्षित और पक्का आवास ग्रामीण परिवारों के जीवन की कई बुनियादी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद करता है।
पक्का घर मौसम की कठिन परिस्थितियों से सुरक्षा देता है और परिवार को स्थायी आवास उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही घर के निर्माण से परिवार की Social Security और Living Standard में भी सुधार की संभावना रहती है।
ग्रामीण आवास योजनाओं का प्रभाव स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देता है। Construction Activity के कारण स्थानीय मजदूरों, राजमिस्त्रियों, निर्माण सामग्री विक्रेताओं और अन्य छोटे कारोबारों के लिए आर्थिक गतिविधियां पैदा होती हैं।
इस तरह Housing Scheme एक परिवार को लाभ देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी Demand Generation कर सकती है।
3.65 लाख नए आवास से ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आधार
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 3,65,179 नए आवासों का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
करीब 4,382 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च के साथ इन घरों का निर्माण ग्रामीण Infrastructure Development को आगे बढ़ाने में योगदान देगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए आवासों का लक्ष्य Awaas+ 2024 Survey में शामिल पात्र परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे आवास से वंचित पात्र परिवारों को योजना के दायरे में लाने की कोशिश को गति मिल सकती है।
आने वाले समय में इस लक्ष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि चयनित परिवारों तक योजना का लाभ कितनी तेजी से पहुंचता है और निर्माण कार्य किस गति से पूरा होता है।
केंद्र और राज्य के बीच Coordination पर भी जोर
छत्तीसगढ़ में PMAY-G के Implementation में केंद्र और राज्य दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। अब तक योजना पर केंद्र और राज्य की संयुक्त हिस्सेदारी से 25,504.76 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इससे यह स्पष्ट है कि ग्रामीण आवास जैसे बड़े कार्यक्रम के लिए Centre-State Coordination आवश्यक है।
पंचायतों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतिम स्तर पर लाभार्थी की पहचान, निर्माण की निगरानी और योजना के Implementation से जुड़े कई कार्य स्थानीय स्तर पर होते हैं।
इसलिए केंद्रीय मंत्री का पंचायत पदाधिकारियों के साथ संवाद योजनाओं के Implementation Mechanism को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी हो सकता है।
ग्रामीण विकास के व्यापक एजेंडे पर रहेगा फोकस
शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ दौरा कई महत्वपूर्ण Rural Development Themes को एक साथ जोड़ता है। एक तरफ PMAY-G के माध्यम से Housing Security पर जोर है, तो दूसरी तरफ पंचायत पदाधिकारियों के साथ Governance और Scheme Implementation पर चर्चा होगी।
वहीं Lakhpati Didi Conference के जरिए Women Empowerment और SHG-based Livelihoods को केंद्र में रखा जाएगा।
इस तरह सक्ती में आयोजित कार्यक्रम ग्रामीण विकास की तीन महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं—Housing, Local Governance और Women-led Livelihoods—को एक मंच पर लाएगा।
छत्तीसगढ़ में पक्के घरों के अभियान को मिलेगी नई गति
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में पिछले एक दशक के दौरान ग्रामीण Housing Sector में बड़े स्तर पर काम हुआ है। निर्धारित 25.13 लाख से अधिक आवासों के लक्ष्य में से 24.53 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 20.53 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
अब 2026-27 में 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य इस अभियान को अगले चरण में ले जाने की तैयारी है।
सक्ती के जेठा में शुक्रवार को होने वाला गृह प्रवेश कार्यक्रम इस पूरी प्रक्रिया का जमीनी चेहरा बनेगा, जहां लाभार्थियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी जाएगी।
इसके साथ पंचायत पदाधिकारियों की कॉन्फ्रेंस और लखपति दीदी सम्मेलन ग्रामीण विकास के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी सामने लाएंगे।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में PM Awas Yojana-Gramin, Panchayat Governance और Women Empowerment को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों में Inclusive Development को नई गति दे सकती है। आने वाले समय में 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य पूरा होना उन परिवारों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी, जो अभी भी अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं।

