֍:पपीते में लगने वाले कीट§ֆ:लाल मकड़ी: लाल मकड़ी पपीते की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों में से एक है. फसल पर इसके प्रभाव से फल खुरदुरे और काले रंग के हो जाते हैं. वहीं पत्तियों पर आक्रमण की वजह से पीली फफूंद पड़ जाती है.
प्रबंधन: पौधे पर लाल मकड़ी का आक्रमण दिखते ही प्रभावित पत्तियों को तोड़कर दूर गड्ढे में दबा दें. वहीं, अनुशंसित कीटनाशक को पानी में मिलाकर छिड़काव करें.
§֍:पपीते में लगने वाले रोग §ֆ:1. तना गलन
2. डंपिंग ऑफ
3. लीफकर्ल
§आमतौर पर पपीते की खेती करना एक आसान काम लगता है क्योंकि पपीते का पेड़ जगह नहीं घेरता और छोटी सी जगह में हो जाता है. लेकिन इसकी बागवानी करना आसान नहीं है. देश में पपीते की खेती बड़े स्तर पर की जाती है. किसान पपीते की खेती करके बेहतर कमाई भी कर रहे हैं. लेकिन इस महीने पपीते के पौधे में अलग-अलग प्रकार के कीट और रोग लगने की वजह से किसानों को काफी परेशानी हो रही है. दरअसल, पपीते के पौधे में लाल मकड़ी, तना गलन, डंपिंग ऑफ और लीफकर्ल जैसी बीमारियां पपीते की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर रही हैं. इन्हीं समस्याओं के निजात के लिए बिहार कृषि विभाग ने पपीते में लगने वाले रोग से बचाव के उपाय बताए हैं. इस उपाय को अपनाकर किसान पपीते की फसल को बर्बाद होने से बचा सकते हैं.

