राजस्थान के प्रमुख सरसों उत्पादक जिले अलवर में इन दिनों कृषि उपज मंडी में सरसों की भारी आवक हो रही है। इसी बीच मौसम विभाग द्वारा बारिश की चेतावनी जारी किए जाने से मंडी के व्यापारियों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि यदि बारिश होती है तो खुले में रखी सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
व्यापारियों के अनुसार मंडी में लगातार सरसों की बड़ी मात्रा में आवक हो रही है, जिसके कारण काफी फसल खुले स्थानों पर रखी हुई है। मौसम विभाग ने 14 और 15 मार्च को अलवर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई थी। इस चेतावनी के बाद मंडी प्रशासन और व्यापारियों ने फसल को सुरक्षित रखने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है।
मंडी से जुड़े व्यापारियों ने बताया कि शुक्रवार को करीब 60 हजार कट्टों में सरसों की आवक हुई थी। इतनी अधिक मात्रा में फसल आने के कारण उसे सुरक्षित स्थानों पर रखने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। फिलहाल लगभग आधी सरसों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है, जबकि बाकी फसल को भी जल्द से जल्द सुरक्षित जगहों पर रखने का प्रयास किया जा रहा है।
बारिश की आशंका को देखते हुए मंडी में दो दिनों के लिए सरसों की नई आवक को पूरी तरह रोक दिया गया है। इस दौरान व्यापारी और पल्लेदार मंडी में मौजूद सरसों को बोरियों में भरकर गोदामों या अन्य सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
मंडी के पल्लेदारों का कहना है कि वे दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि फसल को बारिश से बचाया जा सके। हालांकि मंडी में पर्याप्त भंडारण सुविधाएं न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अलवर जिला राजस्थान में सरसों उत्पादन के लिए प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। हर साल यहां बड़ी मात्रा में सरसों की आवक होती है, जिससे मंडी में कारोबार भी तेजी से बढ़ता है। ऐसे में मौसम की हल्की सी भी गड़बड़ी किसानों और व्यापारियों के लिए चिंता का कारण बन जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सरसों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है तो संभावित नुकसान से बचा जा सकता है। फिलहाल मंडी के व्यापारी और मजदूर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बारिश होने से पहले फसल को सुरक्षित कर लिया जाए।

