अयोध्या जनपद के मवई ब्लॉक अंतर्गत पूरे काज़ी गांव में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एडवांटा सीड कंपनी द्वारा एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने भाग लिया और उन्नत बीजों, नई फसल प्रजातियों तथा वैज्ञानिक खेती के तरीकों की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान कंपनी के एरिया मैनेजर श्रवण कुमार वर्मा ने किसानों को धान की उन्नत प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से एडवांटा 8200 और एडवांटा 8744 धान किस्मों की विशेषताओं, उनकी अधिक उत्पादन क्षमता और उचित खेती पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि सही बीज चयन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही वर्ष 2022-23 की धान प्रजातियों के चयन, उनके लाभ और क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्मों के चुनाव के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
शिविर में धान की नर्सरी तैयार करने की वैज्ञानिक विधि पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बताया गया कि यदि नर्सरी सही तरीके से तैयार की जाए तो फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसके साथ ही समय पर रोपाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में हरे चारे की उन्नत खेती पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। किसानों को जंबो सुपर करवी और जंबो गोल्ड जैसी उन्नत चारा प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई। इन प्रजातियों की बुवाई की विधि, सिंचाई प्रबंधन, कटाई का सही समय और अधिक उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। इससे पशुपालन करने वाले किसानों को भी अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना जताई गई।
शिविर के दौरान किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों को भी विशेषज्ञों के सामने रखा। मौके पर मौजूद कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए। इससे किसानों को नई तकनीकों को अपनाने में आत्मविश्वास मिला।
इस अवसर पर चेतराम यादव, नजीर अली, विश्राम यादव, राम सुमिरन यादव, भिखारी लाल यादव सहित क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस तरह के कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की मांग की।
कुल मिलाकर, इस जागरूकता शिविर ने किसानों को आधुनिक खेती की दिशा में एक नई सोच और मार्गदर्शन प्रदान किया। यदि किसान इन उन्नत तकनीकों और बीजों को अपनाते हैं, तो निश्चित रूप से उनकी आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन में सुधार देखने को मिल सकता है।

