केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और राहतभरा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों के लिए बड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिए गए इन निर्णयों से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ औने-पौने दाम पर बिक्री की मजबूरी से राहत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करने के लिए लगातार सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में संतुलन बनाए रखना है।
उत्तर प्रदेश में आलू किसानों को बड़ी राहत
कृषि मंत्रालय ने बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत उत्तर प्रदेश में वर्ष 2025-26 के लिए 20 लाख मीट्रिक टन (20 एलएमटी) आलू की खरीद को मंजूरी दी है। यह खरीद 6,500.9 रुपये प्रति मीट्रिक टन के निर्धारित मूल्य पर की जाएगी। इस फैसले से राज्य के लाखों आलू उत्पादक किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब बाजार में कीमतें गिरती हैं, तब किसान अक्सर मजबूरी में अपनी उपज कम दाम पर बेचने को विवश हो जाते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा हस्तक्षेप कर खरीद सुनिश्चित करना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार का संभावित व्यय 203 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जो इस पहल की गंभीरता को दर्शाता है।
आंध्र प्रदेश में चना खरीद सीमा बढ़ी
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में चना (बंगाल ग्राम) की खरीद सीमा को बढ़ाकर 1,13,250 मीट्रिक टन कर दिया है। पहले यह सीमा 94,500 मीट्रिक टन थी। यह निर्णय मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत लिया गया है, जिससे चना उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सकेगा।
इस कदम से किसानों को बाजार में गिरती कीमतों के बीच सुरक्षा मिलेगी और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही यह निर्णय राज्य में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने में भी सहायक साबित होगा।
कर्नाटक में तूर खरीद अवधि बढ़ी
कर्नाटक के तूर (अरहर) उत्पादक किसानों के लिए भी केंद्र सरकार ने राहत दी है। सरकार ने तूर की खरीद अवधि को 15 मई 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले यह अवधि सीमित थी, जिससे कई किसान अपनी उपज MSP पर नहीं बेच पा रहे थे।
अवधि विस्तार से अब अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें लाभकारी मूल्य मिल सकेगा और बाजार में अनावश्यक दबाव भी कम होगा।
किसानों के हित में निरंतर सक्रिय सरकार
इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने और कृषि बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यों के साथ समन्वय बनाकर लिए गए ये निर्णय न केवल किसानों की आय को सुरक्षित करेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार भविष्य में भी इसी तरह संवेदनशील और त्वरित निर्णय लेती रहेगी, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा जताया कि इन कदमों से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है, जो उन्हें बेहतर मूल्य, सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा।

