किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत विभिन्न परियोजनाओं को लागू कर रही है। इस योजना के माध्यम से राज्यों को सिंचाई क्षमता विकसित करने, कमांड एरिया विकास और खेत स्तर पर सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जा रही है। हालांकि योजना में निजी क्षेत्र के निवेश के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय सरकार की ओर से संसद में साझा की गई।
तीन प्रमुख घटकों के तहत संचालित हो रही योजना
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एक समग्र (Umbrella) योजना है, जिसके अंतर्गत तीन प्रमुख घटक शामिल हैं।
इनमें त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (Accelerated Irrigation Benefit Programme – AIBP) तथा हर खेत को पानी (Har Khet Ko Pani – HKKP) का संचालन जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
वहीं वाटरशेड विकास घटक (Watershed Development Component – WDC) का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए राज्यों को मिल रही सहायता
योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को नई सिंचाई क्षमता के निर्माण, कमांड एरिया विकास तथा खेत स्तर पर जल प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन मुख्य रूप से राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। निर्माण कार्य संबंधित राज्यों के खरीद नियमों (Procurement Rules) के अनुसार प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया (Competitive Tendering) के माध्यम से कराया जाता है, जिसमें निजी ठेकेदार और कंपनियां भी भाग ले सकती हैं।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना में निजी क्षेत्र के प्रत्यक्ष निवेश (Private Sector Investment) के लिए कोई अलग या विशेष प्रावधान नहीं है।
राज्य सरकारों के मानकों के अनुसार होता है कार्य
योजना के अंतर्गत सभी निर्माण और विकास कार्य संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं। इससे स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है।
जल प्रबंधन पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जल के कुशल उपयोग और बेहतर सिंचाई प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा किसानों तथा क्षेत्रीय स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण (Capacity Building) और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों, जल संरक्षण और जल के कुशल उपयोग के बारे में जागरूक करना है, ताकि सीमित जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
प्रशिक्षण का केंद्रीकृत रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं
केंद्र सरकार ने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्यों द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन कितने किसानों और फील्ड स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया, इसका राज्यवार समेकित (Consolidated) आंकड़ा केंद्र स्तर पर अलग से संधारित नहीं किया जाता।
जल संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य उद्देश्य “हर खेत को पानी” उपलब्ध कराना, सिंचाई क्षमता बढ़ाना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और खेत स्तर पर जल के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याएं कम होंगी, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और कृषि उत्पादन में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

