केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से देशभर में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को गति दे रही है। वित्त वर्ष 2020-21 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 20,990.79 करोड़ रुपये के कुल निवेश से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मत्स्य अवसंरचना, उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
यह जानकारी केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न मत्स्य विकास परियोजनाओं को 1,294.32 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 412.30 करोड़ रुपये है। वर्ष 2020-21 से 2026-27 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को 336.61 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के अनुसार चंदौली जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 10 परियोजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं, जिनसे 229 मत्स्य पालक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
चंदौली जिले में मत्स्य पालन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि जिले में 447 ग्राम सभा तालाब हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 427.15 हेक्टेयर है। इनमें से 421 तालाब, जिनका क्षेत्रफल 417.24 हेक्टेयर है, पट्टे पर दिए जा चुके हैं और वर्तमान में इनका उपयोग मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
इसके अलावा जिले में 8 जलाशय (Reservoirs) भी मौजूद हैं, जिनमें से 5 जलाशयों में वर्तमान समय में मत्स्य पालन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इससे स्थानीय मत्स्य पालकों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं और मत्स्य उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है।
केंद्र सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

