विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में पौधरोपण कर देशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में श्री चौहान ने पौधा लगाकर नागरिकों से प्रकृति संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनाने का आग्रह किया।
विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक पौधा लगाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मानवता, प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि पेड़ न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पेड़ बचेंगे तो जल, जंगल और जमीन सुरक्षित रहेंगे। वर्षा का संतुलन बना रहेगा, नदियां जीवित रहेंगी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव होगा। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य मानते हुए वृक्षारोपण को जीवन का नियमित हिस्सा बनाना चाहिए।
पांच साल पहले लगाया पौधा आज बन गया विशाल वटवृक्ष
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्मार्ट सिटी पार्क में वर्ष 2021 में लगाए गए एक वटवृक्ष का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष पूर्व अमरकंटक से प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प लेने के बाद भोपाल पहुंचकर सबसे पहला पौधा इसी स्थान पर लगाया गया था।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज वह छोटा-सा पौधा एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वृक्ष पर पक्षियों का कलरव, जीव-जंतुओं की गतिविधियां और उसके आसपास विकसित प्राकृतिक वातावरण देखकर उन्हें अत्यंत संतोष की अनुभूति हुई।
श्री चौहान ने कहा कि एक पौधे और बच्चे में काफी समानता होती है। जिस प्रकार बच्चों का सही पालन-पोषण उन्हें सफल और सक्षम बनाता है, उसी प्रकार पौधे की देखभाल उसे एक विशाल वृक्ष में बदल देती है, जो समाज और प्रकृति दोनों की सेवा करता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को मिला व्यापक समर्थन
केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक रूप से प्रकृति और परिवार को जोड़ने वाला एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लाखों लोग अपनी माताओं के सम्मान और स्मृति में पौधे लगा रहे हैं। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी एक अनूठा माध्यम है।
श्री चौहान ने बताया कि उन्होंने भी अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती सुंदर देवी की स्मृति में पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाते हैं, तो वह पौधा केवल एक वृक्ष नहीं बनता, बल्कि हमारी भावनाओं, संस्कारों और जिम्मेदारियों का प्रतीक भी बन जाता है।
विशेष अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि यदि प्रतिदिन पौधरोपण करना संभव नहीं है तो कम से कम जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधे अवश्य लगाएं।
उन्होंने सुझाव दिया कि जन्मदिन, विवाह, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्मदिन, माता-पिता की स्मृति तथा अन्य पारिवारिक अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़ा जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार वर्ष में कुछ पौधे भी लगाए और उनकी देखभाल करे, तो देशभर में करोड़ों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं, जो भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
साढ़े पांच वर्षों से जारी है प्रतिदिन पौधरोपण का संकल्प
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों या चर्चाओं से संभव नहीं है। इसके लिए जमीन पर ठोस प्रयास करने होंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्षों पहले प्रतिदिन पौधा लगाने का संकल्प लिया था।
उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में ऐसा कोई दिन नहीं बीता जब उन्होंने पौधरोपण न किया हो। उनका यह व्यक्तिगत संकल्प अब एक सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता लगातार बढ़ रही है और नई पीढ़ी इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना रही है।
पेड़ हैं तो भविष्य है
अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि जीवन, जैव विविधता और मानव सभ्यता के भविष्य की सुरक्षा का आधार हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण देने की जिम्मेदारी हमारी है।
उन्होंने कहा कि यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तो भविष्य सुरक्षित होगा। इसलिए हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी करेगा। “पेड़ हैं तो हम हैं, पेड़ हैं तो भविष्य है” का संदेश देते हुए उन्होंने सभी नागरिकों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की।

