भारत ने लंबी अवधि के समझौतों से 86 लाख टन से अधिक खाद सुरक्षित की, घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर
भारत ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों तथा आपूर्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव ...
भारत ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों तथा आपूर्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव ...
भारत में कीटनाशक कारोबार से जुड़े निर्माताओं, आयातकों, विक्रेताओं और वितरकों के लिए 15 सितंबर 2026 से नियमों में बड़ा ...
भारत में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता के बीच जैविक कृषि इनपुट उद्योग ने इनके इस्तेमाल को चरणबद्ध ...
भारत में खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। यूरिया, ...
खाद किसानों के लिए खेती की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है। यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों की समय ...
खेती में DAP यानी डाय-अमोनियम फॉस्फेट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। गेहूं, धान, दलहन, तिलहन और कई ...
भारत में किसानों के लिए खाद की कीमत हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। किसान जब यूरिया, डीएपी या एनपीके खरीदने ...
भारत में किसानों को यूरिया अपेक्षाकृत बहुत कम कीमत पर मिलता है। बाजार में यूरिया की वास्तविक उत्पादन या आयात ...
भारत में यूरिया की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ...
भारत की खाद जरूरतों को पूरा करने में रूस की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। वर्ष 2026 के ...
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