India और South Korea ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 20 अप्रैल 2026 को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के नेतृत्व में भारत आए प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान संपन्न हुआ।
यह समझौता भारत के Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises और दक्षिण कोरिया के ‘एसएमई और स्टार्टअप मंत्रालय’ के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के MSME इकोसिस्टम के बीच सहयोग को संस्थागत रूप देना और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
इस समझौते के तहत दोनों देश MSME क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सतत संवाद को बढ़ावा देंगे और पारस्परिक रूप से लाभकारी अवसरों की पहचान करेंगे। साथ ही, यह पहल दोनों देशों के उद्यमों को एक-दूसरे के बाजार, नीतियों और व्यावसायिक वातावरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।
समझौता ज्ञापन में सूचना और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने और तकनीकी व आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा, व्यावसायिक समन्वय को मजबूत करने और निवेश के नए अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त पहलें भी की जाएंगी।
यह साझेदारी दोनों देशों के MSME क्षेत्र के बीच सीधे संपर्क और सहयोग को बढ़ाएगी, जिससे नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से स्टार्टअप और छोटे उद्योगों के लिए यह समझौता नए बाजारों तक पहुंच और तकनीकी सहयोग के अवसर प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यह सहयोग न केवल आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में भी सहायक होगा। MSME क्षेत्र, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, इस समझौते के जरिए और अधिक सशक्त होगा।
कुल मिलाकर, यह समझौता समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भारत-कोरिया आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मददगार साबित हो सकती है।

